CG IPS Transfer

रायपुर। हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने समाज कल्याण विभाग में हुए घोटाले की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की टीम ने आज संचानालय में जाकर अफसरों से जानकारी ली और करीब 15 बैग में दस्तावेज जब्त किए हैं। हाईकोर्ट ने समाज कल्याण घोटाला प्रकरण में 15 दिन के भीतर दस्तावेजों को जब्त करने के भी निर्देश दिए थे।

जानकारी मिली है कि सीबीआई ने आज माना स्थित समाज कल्याण के दफ्तर में जाकर नि:शक्तजन सोसायटी से जुड़े दस्तावेज की जानकारी ली। अफसरों ने करीब दो घंटे रूककर सारे दस्तावेज एकत्र किए हैं, और अपने साथ ले गए हैं।

गौरतलब है कि सीबीआई ने इस प्रकरण में पहले भोपाल स्थित दफ्तर में एफआईआर दर्ज किया था, और अब यहां केस ट्रांसफर कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस पूरे घोटाले को करीब एक हजार करोड़ के होने का आरोप लगाया गया है। सीबीआई पहले भी काफी कुछ साक्ष्य जुटा चुकी है।

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अधिकांश अफसर हो चुके हैं रिटायर

बताया जाता है कि जिन अफसरों की पदस्थापन के दौरान यह घोटाला हुआ है उस समय समाज कल्याण से जुड़े तमाम अफसर रिटायर हो चुके हैं, और इन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पहले समाज कल्याण विभाग के रिटायर्ड अफसरों से पूछताछ की जाएगी जो कि नि:शक्तजन सोसायटी से जुड़े रहे हैं।

इस प्रकरण में दो पूर्व सीएस विवेक ढांड, सुनील कुजूर के अलावा पूर्व एसीएस एमके राउत, और बीएल अग्रवाल, डॉ. आलोक शुक्ला सहित कई अफसरों के नाम हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री रेणुका सिंह, लता उसेंडी, और अनिला भेडिय़ा भी अलग-अलग समय में नि:शक्तजन संस्थान की पदेन चेयरमैन रह चुकी हैं। इन सबसे पूछताछ हो सकती है। सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद एक बार फिर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में हलचल मचने की संभावना है।