Two convicts sentenced to life imprisonment four times
Two convicts sentenced to life imprisonment four times

imprisonment until the last breath: जांजगीर-चांपा जिले के सनसनीखेज गैंगरेप, हत्या और लूट मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार तिवारी की अदालत ने आरोपी रोहन पाण्डू और राजेंद्र सूर्या को चार-चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गैंगरेप की धारा में दोनों दोषियों को उनके प्राकृतिक जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रखने का आदेश दिया गया है।

यह वारदात 12 फरवरी 2023 की रात यादव चौक, जांजगीर की है। अभियोजन के अनुसार दोनों आरोपियों ने पहले मृतका के भाई के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। उसके बेहोश होते ही कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने घर में घुसकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी।

जेवर, मोबाइल और स्कूटी भी लूटी

वारदात के बाद आरोपियों ने घर से जेवर, 3 मोबाइल फोन और स्कूटी भी लूट ली। पुलिस ने जांच के दौरान लूटा गया सामान और स्कूटी बरामद कर लिया।

48 घंटे में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रोहन पाण्डू को 48 घंटे के अंदर कवर्धा के कुंडा बाजार से गिरफ्तार किया। इसके बाद दूसरे आरोपी को भी पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया।

22 गवाह और फॉरेंसिक साक्ष्य बने आधार

सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 22 गवाहों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्य पेश किए। सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को गैंगरेप, हत्या, लूट और गृह-अतिचार की धाराओं में दोषी माना।

चार धाराओं में अलग-अलग सजा और अर्थदंड

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों आरोपियों को गैंगरेप, हत्या, लूट और गृह-अतिचार सहित संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया।साथ ही अलग-अलग अपराधों के लिए दोनों को आजीवन कारावास और अर्थदंड सुनाया। इस तरह दोनों को चार बार “आजीवन कारावास”, मतलब आखिरी सांस तक जेल की सजा दी गई है। अदालत का यह फैसला जघन्य अपराधों पर कानून की सख्ती को दर्शाता है।

FAQ: दोहरा हत्याकांड में कठोर सजा

सवाल: जांजगीर-चांपा कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

गैंगरेप, हत्या और लूट के मामले में दो दोषियों को 4-4 बार आजीवन कारावास और “आखिरी सांस तक जेल” की सजा।

सवाल: दोषियों के नाम क्या हैं?

रोहन पाण्डू और राजेंद्र सूर्या।

सवाल: घटना कब की है?

12 फरवरी 2023 की रात, यादव चौक जांजगीर।

सवाल: आरोपियों ने वारदात कैसे की?

पहले भाई को नींद की गोलियां देकर बेहोश किया, फिर युवती से गैंगरेप और हत्या कर जेवर-मोबाइल-स्कूटी लूट ली।

सवाल: “आखिरी सांस तक जेल” का क्या मतलब है?

गैंगरेप की धारा में कोर्ट ने आदेश दिया है कि दोनों दोषी अपने प्राकृतिक जीवन के अंत तक जेल में रहेंगे।