कोरबा। त्योहार और मेले की भीड़ में नकली नोट खपाने के खेल का कोरबा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने मेले में 200 रुपये के जाली नोट चलाने वाले रैकेट को पकड़ा है। कार्रवाई में 200 के 15 जाली नोट (कुल 3000 रुपये) और नोट छापने वाला प्रिंटर जब्त किया गया है।
पुलिस ने मौके से एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा, जबकि इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड मानस नगर निवासी 24 वर्षीय अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू को उसके घर हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 2 नवंबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मेले को बनाया टारगेट, ऐसे चलता था खेल
आरोपी की तरकीब बड़ी शातिर थी। वह मेले में खिलौने और सड़क किनारे लगने वाली दुकानों को निशाना बनाता था। नाबालिग को आगे कर सस्ता सामान खरीदवाता, 200 का नकली नोट थमाता और दुकानदार से बाकी पैसे असली के रूप में वापस ले लेता था।
मेले की भीड़ और छोटे लेन-देन के बीच शुरू में किसी को शक नहीं हुआ।
दुकानदार की सजगता से पलटा पासा
इसी बीच एक दुकानदार ने होशियारी दिखाई। 200 का नोट हाथ में आते ही उसे कागज की क्वालिटी और प्रिंट में गड़बड़ी लगी। उसने आरोपी को भनक तक नहीं लगने दी और चुपचाप सिविल लाइन पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर नाबालिग को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि नोट उसे अभिषेक शर्मा ने दिए हैं और उसने एक नोट पहले ही बाजार में चलाने की कोशिश की थी।
घर से निकला प्रिंटर – BNS की सख्त धाराएं
नाबालिग की निशानदेही पर पुलिस ने मानस नगर में दबिश दी। अभिषेक के घर से गवाहों के सामने 15 जाली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल किया जा रहा प्रिंटर बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179, 180 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। ये दोनों धाराएं करेंसी की कूट-रचना और उसे असली के रूप में चलाने से जुड़ी हैं, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष पेश किया गया है।
कोरबा पुलिस का कहना है कि त्योहार के सीजन में नकली नोटों के इस नेटवर्क की आगे भी जांच जारी रहेगी।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. कोरबा में नकली नोट का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
सिविल लाइन रामपुर पुलिस के अनुसार मेले में एक नाबालिग 200 रुपये के जाली नोट से सामान खरीद रहा था। एक दुकानदार को नोट पर शक हुआ और उसने बिना आरोपी को भनक लगे पुलिस को सूचना दी। मौके पर नाबालिग पकड़ा गया, जिसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू को गिरफ्तार किया गया।
Q2. पुलिस ने क्या-क्या जब्त किया है?
पुलिस ने 200 रुपये के 15 जाली नोट जिनकी कुल कीमत 3000 रुपये है, और जाली नोट छापने में इस्तेमाल किया गया प्रिंटर जब्त किया है। आरोपी के घर से ये सामग्री गवाहों के सामने जब्त की गई।
Q3. आरोपी के खिलाफ कौन सी धाराएं लगी हैं और सजा क्या है?
आरोपी अभिषेक शर्मा के खिलाफ BNS की धारा 179, 180 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 179-180 सिक्कों और करेंसी नोटों की कूट रचना और उन्हें असली के रूप में उपयोग करने से संबंधित हैं, जिसमें 10 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। आरोपी को 2 नवंबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
Q4. नकली नोट से बचने के लिए आम लोग क्या करें?
पुलिस ने अपील की है – मेले-त्योहार में लेन-देन में सतर्क रहें, नोट को हाथ से महसूस करें, लाइट में वाटरमार्क और सुरक्षा धागा देखें, छोटे लेन-देन में UPI/QR का उपयोग करें और शक होने पर तुरंत 112 या नजदीकी थाने को सूचना दें।



