Mahasamund Ganja Smugglers Car Fire: बसना इलाके में सोमवार देर रात वो हुआ जो आमतौर पर फिल्मों में दिखता है। ओडिशा के बालांगीर से “हरा नशा” लादकर मध्य प्रदेश के शहडोल जा रही काली वैगनआर जब पुलिस की नाकेबंदी में फंसी, तो तस्करों ने सबूत मिटाने के लिए ऐसा कारनामा कर दिया कि मौके पर मौजूद पुलिस जवान भी हैरान रह गए।
बसना पुलिस को ANTF से पुख्ता इनपुट मिला था कि ओडिशा बॉर्डर से गांजे की बड़ी खेप MP की ओर जाने वाली है। इसके बाद ग्राम चोरभट्ठी से मेदनीपुर जाने वाले सुनसान मार्ग पर जाल बिछाया गया। रात के अंधेरे में जब काली वैगनआर तेज रफ्तार में आती दिखी, तो पुलिस ने हाथ देकर रोकने की कोशिश की।
लेकिन कार में सवार तस्कर तो पहले से ही अलर्ट थे। पुलिस को देखते ही ड्राइवर ने गाड़ी घुमाई और विपरीत दिशा में भगाने लगा। बसना पुलिस और ANTF की टीम ने भी बिना देर किए पीछा शुरू कर दिया। करीब कुछ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद तस्करों को लगा कि अब बचना मुश्किल है।
और फिर तस्करों ने किया नया कारनामा…
पकड़े जाने के डर से उन्होंने चलती कार में ही पीछे रखी गांजे से भरी 3 प्लास्टिक बोरियों में आग लगा दी! उनका प्लान था – गांजा जल जाएगा, सबूत खत्म, पुलिस खाली हाथ। कार रोककर तीनों जंगल की ओर भाग निकले।
लेकिन बसना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो को दौड़ाकर दबोच लिया। एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गया।

इधर कार के अंदर आग धधक रही थी। पुलिस ने बिना समय गंवाए ग्रामीणों की मदद से कार का सामने वाला शीशा तोड़ा और बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। जब डिक्की खोली गई तो अंदर 3 अधजली बोरियों में रखा 28.465 किलो गांजा मिला। थोड़ी देर और होती तो पूरी खेप राख बन जाती। बरामद गांजे की कीमत करीब 14 लाख 23 हजार रुपये आंकी गई है।
कहां से लाए, कहां ले जा रहे थे?
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया – उन्होंने ओडिशा के बालांगीर निवासी विनोद राणा से यह गांजा खरीदा था। वे अपने साथी शिवा सिंह के साथ इसे शहडोल (MP) ले जा रहे थे। रास्ते में बसना में नाकेबंदी देखकर घबरा गए।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई
एएसपी सुनील नायक ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। फरार आरोपी शिवा सिंह की तलाश के लिए जंगल में सर्चिंग जारी है।
गिरफ्तार आरोपी:
01. सुलभ सिंह परिहार पिता भारत सिंह परिहार, उम्र 29 साल, निवासी छोटी घोरहटी, थाना नागौद, जिला सतना (म.प्र.)
02. सागर कुशवाहा पिता मोतीलाल कुशवाहा, उम्र 25 साल, निवासी कोनी टोला, थाना नागौद, जिला सतना (म.प्र.)
फरार आरोपी: शिवा सिंह, निवासी शहडोल (म.प्र.)
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के तार ओडिशा से MP तक जुड़े हैं और विनोद राणा की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. महासमुंद में गांजा तस्करों ने क्या नया कारनामा किया?
— बसना पुलिस और ANTF की नाकेबंदी देख तस्करों ने पकड़े जाने से बचने के लिए काली वैगनआर में रखी गांजे की 3 बोरियों में आग लगा दी और जंगल की ओर भाग गए। पुलिस ने आग बुझाकर 28.465 किलो गांजा बरामद किया।
Q2. कितना गांजा जब्त हुआ और उसकी कीमत क्या है?
— मौके से 3 अधजली बोरियों में कुल 28.465 किलो गांजा बरामद हुआ है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 14 लाख 23 हजार 250 रुपये आंकी गई है।
Q3. आरोपी कौन हैं और कहां से ला रहे थे गांजा?
— गिरफ्तार आरोपी सुलभ सिंह परिहार (29) और सागर कुशवाहा (25) दोनों सतना MP के नागौद थाना क्षेत्र के हैं। फरार आरोपी शिवा सिंह शहडोल का है। पूछताछ में बताया कि गांजा ओडिशा के बालांगीर निवासी विनोद राणा से लेकर शहडोल ले जा रहे थे।



