Mahasamund: Trailer operated nationwide using fake RTO permits
Trailer owner arrested in Punjab after 6 years

महासमुंद। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय RTO रायपुर के अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और सील लगाकर नेशनल परमिट तैयार करने वाले ट्रेलर मालिक को महासमुंद पुलिस ने 6 साल बाद पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी सतनाम सिंह रायपुर से फरार होकर पंजाब में छिपा हुआ था।

खम्हारपाली चेक पोस्ट पर हुआ था खुलासा

यह पूरा मामला 22 अगस्त 2020 का है। खम्हारपाली परिवहन चेक पोस्ट, थाना सिंघोड़ा में पदस्थ अधिकारी राजेंद्र कुमार बर्मन ने रायपुर से ओडिशा की ओर जा रहे ट्रेलर क्रमांक CG 04 JD 1539 को रोककर जांच की। इस दौरान वाहन का नेशनल परमिट संदेहास्पद लगा। शासन की आधिकारिक वेबसाइट पर सत्यापन करने पर पता चला कि यह परमिट परिवहन विभाग द्वारा जारी ही नहीं किया गया था।

फर्जी सील और कूटरचित दस्तखत से बनाये थे परमिट

पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रेलर मालिक सतनाम सिंह और चालक सोनू सिंह गिल उर्फ सोहन सिंह निवासी अमृतसर, पंजाब ने मिलकर पुराने नेशनल परमिट पर RTO रायपुर की फर्जी सील और अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार किए थे। इनका मकसद था सरकारी जांच से बचना और अवैध रूप से पूरे देश में ट्रेलर चलाना

See also  दुष्कर्म के आरोपितों को शीघ्र आजीवन कारावास दिलाने छत्तीसगढ़ के 6 पुलिसकर्मियों को मिला सुपर इंवेस्टिगेटर सम्मान

चालक मौके से फरार, मालिक भी हुआ गायब

जैसे ही धोखाधड़ी का खुलासा हुआ, चालक सोनू सिंह गिल ट्रेलर को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। वहीं थाना सिंघोड़ा में धारा 420, 467, 468, 471 और 34 भादवि के तहत मामला दर्ज होने की भनक लगते ही ट्रेलर मालिक सतनाम सिंह भी रायपुर स्थित अपने घर से फरार हो गया।

सीडीआर और टावर डंप से 6 साल बाद पकड़ा

पिछले 5-6 वर्षों से महासमुंद पुलिस की स्पेशल टीम दोनों आरोपियों की तलाश कर रही थी। आखिरकार सीडीआर एनालिसिस, टेक्निकल डेटा और टावर डंप के आधार पर पुलिस ने आरोपी सतनाम सिंह की लोकेशन पंजाब में ट्रेस की।

पुलिस टीम पंजाब रवाना हुई और वहां से सतनाम सिंह रायपुर को गिरफ्तार कर थाना सिंघोड़ा लाया गया। उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। सह-आरोपी चालक की तलाश अभी जारी है।

शासन को लगाया बड़ा चूना

फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोपी सालों तक बिना वैध परमिट के ट्रेलर देशभर में दौड़ाते रहे। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हुआ और सड़क सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया गया।

See also  छत्तीसगढ़ के 7 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को शौर्य पदक से किया जायेगा सम्मानित, देखें लिस्ट

FAQ: फर्जी RTO परमिट मामला

  1. मामला क्या है?

RTO रायपुर के अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और सील लगाकर नेशनल परमिट बनाकर ट्रेलर चलाने का मामला है। आरोपी 6 साल से फरार था।

  1. आरोपी कौन है और कहां से गिरफ्तार हुआ?

आरोपी ट्रेलर मालिक सतनाम सिंह है। उसे महासमुंद पुलिस ने पंजाब से गिरफ्तार किया है।

  1. फर्जीवाड़ा कब पकड़ा गया था?

22 अगस्त 2020 को खम्हारपाली चेक पोस्ट पर जांच के दौरान ट्रेलर CG 04 JD 1539 का फर्जी परमिट पकड़ा गया था।

  1. आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं?

धोखाधड़ी के लिए IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत थाना सिंघोड़ा में मामला दर्ज है। सह-आरोपी चालक सोनू सिंह गिल उर्फ सोहन सिंह अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

  1. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?

6 साल तक सीडीआर एनालिसिस, टेक्निकल डेटा और टावर डंप के जरिए लोकेशन ट्रेस कर पंजाब से गिरफ्तारी की गई।

See also  डेढ़ करोड़ की चांदी की तस्करी करते दो आरोपी गिरफ्तार