चंडीगढ़ । टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादियों के लिए फंड जुटाने वाले खालिस्तानी समर्थकों के खिलाफ एनआईए ने छापेमारी की है।  एनआईए की टीम ने गोला-बारुद और विस्फोटकों की तस्करी करने की आपराधिक साजिश में पंजाब में 9 और हरियाणा में 1 जगह तलाशी ली है। पिछले साल 20 अगस्त को स्वतः संज्ञान लेते हुए एनआईए ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।


इसी मामले में एनआईए ने आतंकवादी अर्श डल्ला के दो करीबी सहयोगियों को 19 मई को फिलीपींस के मनीला से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। दोनों की पहचान अमृतपाल सिंह और अमृतक सिंह के रूप में हुई. दोनों को एनआईए ने ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया था. एनआइए ने पहले बताया था कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भारत में प्रतिबंधित संगठनों की गैरकानूनी और हिंसक गतिविधियों से जुड़े एक मामले में एनआईए दिल्ली कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

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आरोपियों के खिलाफ पंजाब में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. एनआईए की जांच से जानकारी मिली है कि आरोपी भारत में खालिस्तान टाइगर फोर्स की हिंसक आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नामिक आतंकवादी अर्शदीप सिंह डल्ला के लिए काम कर रहे थे।

बता दें कि एनआईए ने इससे पहले 17 मई को भी पंजाब और हरियाणा में छापेमारी की थी। सीमा पार से हथियार और नशे की स्मगलिंग को लेकर 58 जगहों पर छापेमारी की गई थी. बताया जा रहा है कि जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, दविंदर बंबीहा और पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाला हरविंदर सिंह रिंदा के करीबी लोग शामिल थे, जिनके खिलाफ छापेमारी की गई थी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।