Hate speech on social media: छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया पर बेलगाम होकर नेताओं और अफसरों पर कीचड़ उछालना अब महंगा पड़ने लगा है। रायपुर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर एक्टिव ‘CG मोटू पतलू’ नाम से चल रहे दो फर्जी अकाउंट्स पर शिकंजा कस दिया है।
सिविल लाइन थाने में cg_motu_patlu_18 और cg_motu_patlu_1257 के संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंप दी गई है। इन पर आरोप है कि ये अकाउंट पक्ष और विपक्ष दोनों के बड़े नेताओं, IAS-IPS अफसरों और आम जनता को लेकर अश्लील मीम, गाली-गलौज और फेक न्यूज फैला रहे थे।
कैसे फंसा CG मोटू पतलू? अंदर की कहानी
पिछले कुछ हफ्तों से ये दोनों पेज लगातार वायरल हो रहे थे। मीम के नाम पर अभद्र भाषा, फोटो मॉर्फ कर आपत्तिजनक कैप्शन और प्रशासन के खिलाफ झूठी खबरें पोस्ट की जा रही थीं।
कई लोगों ने इसकी शिकायत रायपुर पुलिस के साइबर सेल और सेंट्रल जोन DCP ऑफिस में की थी। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पोस्ट सार्वजनिक रूप से अश्लीलता और मानहानि की श्रेणी में आते हैं और IT Act का उल्लंघन करते हैं।शिकायत सही मिलने पर पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज किया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध – 5 साल तक की सजा संभव
पुलिस ने इस मामले में बेहद सख्त धाराएं लगाई हैं:
1. BNS धारा 296 – अश्लील कार्य और गाने: सार्वजनिक स्थान या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री परोसना। इसमें 2 साल तक की सजा।
2. IT Act धारा 67 – अश्लील सामग्री का इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन: सोशल मीडिया पर अभद्र, अश्लील पोस्ट करना। पहली बार में 3 साल और जुर्माना, दोबारा 5 साल तक की सजा और 10 लाख तक जुर्माना।
पुलिस का एक्शन प्लान क्या है? DCP ने बताया
सेंट्रल जोन DCP तारकेश्वर पटेल ने TRP News से बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मोटू-पतलू के नाम से पेज बनाया गया है। इस पेज के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी और आम जनता पर अभद्र टिप्पणी की जा रही है, जिसकी शिकायत प्राप्त होने पर जांच कर अपराध पंजीबद्ध किया गया है। साइबर की टेक्निकल टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। दोनों अकाउंट की ID, IP एड्रेस, मोबाइल नंबर और लोकेशन ट्रेस की जा रही है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये अकाउंट फेक सिम और VPN का इस्तेमाल कर चला रहे थे, लेकिन मेटा से डिटेल मांगी गई है।
सोशल मीडिया यूजर्स के लिए चेतावनी
रायपुर पुलिस ने साफ कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब गाली-गलौज नहीं है। नेताओं-अफसरों की आलोचना करें, लेकिन अभद्रता और फेक न्यूज फैलाएंगे तो BNS और IT Act में FIR तय है।
पुलिस ने अपील की है कि ऐसे पेजों को रिपोर्ट करें और खुद भी शेयर न करें, वरना शेयर करने वाला भी आरोपी बन सकता है।
FAQ: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट
सवाल: किन अकाउंट पर FIR हुई?
cg_motu_patlu_18 और cg_motu_patlu_1257 नाम के दो सोशल मीडिया अकाउंट पर।
सवाल: FIR कहां दर्ज हुई?
रायपुर के सिविल लाइन थाने में।
सवाल: किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
BNS की धारा 296 और IT Act की धारा 67 के तहत।
सवाल: आरोप क्या है?
नेताओं, अफसरों और आम जनता पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी और गलत जानकारी पोस्ट करने का।


