0 झारखंड पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

रांची। झारखंड में दसवीं बोर्ड के पेपर लीक के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से छह लोगों को पुलिस ने मंगलवार को गिरिडीह के न्यू बरगंडा इलाके में दो घरों में छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। ये सभी मैट्रिक के छात्र हैं। बताया जा रहा है कि गिरिडीह जिले में स्ट्रांग रूम में रखने के लिए भेजा गया पेपर इन्हीं में से एक छात्र ने चुराया था। इनमें से एक आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के लिए यह सारी योजना बनाई थी।गिरफ्तार किए गए छात्रों से पूछताछ चल रही है।

पेपर चुराने के लिए बन गए थे मजदूर

पेपर लीक मामले में रोहित कुमार, मुकेश कुमार, कमलेश कुमार, अंशु कुमार पांडेय, कृष्णा कुमार पांडेय व लाल मोहन कुमार सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया है। सभी छात्र हैं पर प्रश्नपत्र पाने के लिए ये मजदूर बन गए।

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पुलिस की पूछताछ में ये बातें सामने आईं कि गिरफ्तार कमलेश ने प्रश्नपत्र की चोरी अपनी गर्लफ्रेंड के लिए की थी। हालांकि बाद में उसने अपने अन्य सहयोगियों के कहने पर इसे वायरल कर कुछ पैसे कमाने की सोची। उसने अपने अन्य सहयोगियों लाल मोहन, रोहित, अंशु व कृष्णा के साथ मिलकर प्रश्नपत्र का एक पीडीएफ बनाया और उसे सोशल मीडिया के माध्यम से 5-5 सौ रुपए में बेचने लगा। इसके चलते हिंदी और विज्ञान के पेपर परीक्षा से पहले ही इंटरनेट पर वायरल हो गए थे।

सीलबंद बंडल से प्रश्नपत्र चुरा लिया

इस संबध में कोडरमा एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इन्हें रांची से गिरिडीह लाए गए प्रश्नपत्रों की ढुलाई के काम में लगाया गया था। इसी दौरान इन्होंने मौका पाकर सीलबंद बंडल को ब्लेड की सहायता से फाड़कर उससे प्रश्नपत्र चुरा लिया था। फिर अपने मोबाइल से पीडीएफ बनाकर इसे वायरल किया था।

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क्यूआर कोड से राशि की वसूली

डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा है कि पेपर लीक के मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से ली गई दसवीं की परीक्षा में हिंदी और विज्ञान के पेपर लीक हुए थे। परीक्षा के पहले ही इन दोनों विषयों के पेपर इंटरनेट पर वायरल हो गए थे। कोडरमा के एक गिरोह ने व्हाट्सएप ग्रुप में 350 रुपए में ये पेपर बेचे थे। पेपर उपलब्ध कराने के एवज में क्यूआर कोड से राशि की वसूली की गई थी।

परीक्षा के दौरान जब वायरल पेपर हूबहू मिल गए तो काउंसिल ने इन दोनों पत्रों की परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। गिरिडीह में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए छह छात्रों से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि प्रश्न पत्रों को ट्रक से उतारकर स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने के लिए जिन मजदूरों को लगाया गया था, उनमें कुछ छात्र भी थे। उन्होंने ही कुछ पेपर चुरा लिए थे।

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पुलिस इन छात्रों को हिरासत में लेने के बाद स्ट्रांग रूम भी जांच के लिए पहुंची। इस पूरे मामले की जांच को लेकर मंगलवार को डीजीपी अनुराग गुप्ता झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अधिकारियों के साथ बैठक की। सरकार इस मामले की जांच एसआईटी या सीआईडी को दे सकती है। पेपर लीक की घटना को लेकर मंगलवार को झारखंड विधानसभा में भी जोरदार हंगामा हुआ है।