DRDO 2dg anti covid medicine: शरीर में जाते ही करने लगेगी कोरोना पर वार, जानें डोज, साइड इफेक्‍ट्स और कीमत

DRDO 2dg anti covid medicine: शरीर में जाते ही करने लगेगी कोरोना पर वार, जानें डोज, साइड इफेक्‍ट्स और कीमत
DRDO 2dg anti covid medicine: शरीर में जाते ही करने लगेगी कोरोना पर वार, जानें डोज, साइड इफेक्‍ट्स और कीमत

नई दिल्ली। भारत समेत दुनिया के अधिकांश हिस्‍से में कहर बनकर टूटे SARS-CoV-2 के लिए दवा आ चुकी है। 2-deoxy-D-glucose यानी 2डीजी नाम के इस ऐंटी-कोविड ड्रग को डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन इस दवा का पहला बैच (10,000 डोज) लॉन्‍च करेंगे।

हाइड्रॉक्‍सीक्‍लोरोक्विन, रेमडिसिविर, आइवरमेक्टिन जैसी तमाम दवाओं के कोविड-19 पर असर को लेकर पिछले साल से ही रिसर्च चलती रही, मगर 2DG वह पहली दवा है जिसे ऐंटी-कोविड ड्रग कहा जा रहा है। आइए इसके बारे में सबकुछ जानते हैं।

कैसे बनी कोविड-19 के खिलाफ कैसे काम करती है 2DG

2डीजी असल में 2डीजी अणु का एक परिवर्तित रूप है जिससे ट्यूमर, कैंसर कोशिकाओं का इलाज होता है। ट्रायल में पता चला कि 2DG कोविड मरीजों के इलाज में तो कारगर है ही, हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की ऑक्सिजन पर निर्भरता को भी कम करती है।

फिलहाल इस दवा को सेकेंडरी मेडिसिन की तरह यूज करने की परमिशन दी गई है। यानी यह प्राइमरी मेडिसिंस के सपोर्ट में यूज की जाएगी। यह दवा काफी हद तक ग्‍लूकोज जैसी है, मगर ग्‍लूकोज नहीं है। वायरस शरीर में पहुंचते ही अपनी कॉपीज बनाना शुरू कर देता है, इसके लिए उसे ताकत चाहिए होती है जो ग्‍लूकोज से मिलती है।

जब यह दवा दी जाएगी तो वायरस इस ग्‍लूकोज एनालॉग को लेगा और उसी में फंस जाएगा। नतीजा ये होगा कि वायरस अपनी कॉपीज नहीं बना पाएगा यानी उसकी ग्रोथ रुक जाएगी।

कोविड-19 के हर वेरिएंट को रोकेगी

INMAS के डायरेक्‍टर डॉ. अनिल मिश्रा के अनुसार, 2डीजी अपनी कॉपी बनाने वाले वायरस को कैद कर लेती है। यानी वायरस का कोई भी वेरिएंट हो, उसे खाने की जरूरत तो पड़ेगी ही और जैसे ही वह अपनी भूख मिटाने के लिए आगे बढ़ेगा, यह दवा उसे फंसा लेगी।

2DG: डोज क्‍या होगी, कितनी होगी कीमत

INMAS के वैज्ञानिक डॉ. सुधीर चंदना के मुताबिक, यह दवा एक सैशे के रूप में उपलब्‍ध होगी। जैसे आप ORS को पानी में घोलकर पीते हैं, वैसे ही इसे भी पानी में मिलाकर ले सकेंगे। उन्‍होंने कहा कि यह दवा दिन में दो बार लेनी होगी। कोविड-19 मरीजों को पूरी तरह ठीक होने के लिए 5 से 7 दिन तक यह दवा देनी पड़ सकती है।

कीमत को लेकर अभी कुछ नहीं कहा गया है। डॉ. चंदना के अनुसार, इस बारे में कोई फैसला डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरी ही करेगी। हालांकि उन्‍होंने यह जरूरी कहा कि दवा किफायती हो, इसका ध्‍यान रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, एक सैशे की कीमत 500 से 600 रुपये के बीच हो सकती है।

जानें साइड इफेक्‍ट्स

साइड इफेक्‍ट्स के बारे में पूछने पर डॉ. चंदना ने कहा कि ट्रायल के दौरान, सामान्‍य और गंभीर मरीजों को यह दवा दी गई। सभी मरीजों को इस दवा से फायदा ही हुआ, किसी पर कोई प्रतिकूल प्रभाव देखने को नहीं मिला। उनके मुताबिक, यह कहा जा सकता है कि इस दवा का कोई साइड इफेक्‍ट नहीं है।

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