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Bijapur: एकलव्य स्कूल में टीचर ने छात्राओं से की शर्मनाक हरकत, धमकी से डरी बच्चियों ने मुंह खोला तो स्कूल से हुआ फरार

Teacher commits shameful act with female students
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Teacher commits shameful act with students: आदिवासी बच्चों के लिए बने रुद्रारम एकलव्य आवासीय विद्यालय से बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां PGT कंप्यूटर साइंस के शिक्षक पर 9वीं, 10वीं और 11वीं की 7 छात्राओं से कथित अनुचित स्पर्श और परेशान करने के आरोप लगे हैं।

लगातार दो साल से प्रताड़ित हो रही छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर विद्यालय प्रबंधन को लिखित शिकायत दी। शिकायत में कहा गया कि शिक्षक बार-बार गलत तरीके से छूकर परेशान करता है। पालकों के मुताबिक बच्चियां 2024 से डर और धमकी के कारण चुप थीं। मामला खुला तो पालकों ने सीधे कलेक्टर और SP से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रबंधन की भूमिका पर बड़े सवाल

पालकों का सबसे बड़ा आरोप प्रबंधन पर है। उनका कहना है कि बच्चों ने पहले भी प्राचार्य को जानकारी दी थी, लेकिन तत्काल कदम नहीं उठाया गया। उल्टे बच्चों को आश्रम से निकालने की धमकी तक देने का आरोप है। यह सामान्य स्कूल नहीं, 24 घंटे आवासीय स्कूल है, जहां बच्चों की सुरक्षा पहली जिम्मेदारी है। 7 सितंबर की लिखित शिकायत के बाद प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को सूचना कब दी, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

शिकायत के बाद से शिक्षक गायब

प्राचार्य ईं. नारायण अम्मा ने बताया कि शिक्षक दिवस से पहले शिकायत मिली थी, जिसे तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। वहीं आरोपी शिक्षक देवेंद्र दहिया 8 सितंबर से बिना सूचना के अनुपस्थित है, स्कूल नहीं आ रहा। उसके खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

SDM स्तर पर जांच, आदिवासी बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

AC ट्राइबल देवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की SDM स्तर पर जांच कराई जा रही है, तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

बता दें कि रुद्रारम एकलव्य में 343 आदिवासी विद्यार्थी पढ़ते हैं, 22 नियमित और 12 अतिथि शिक्षक हैं, जिनमें अधिकतर पुरुष हैं। ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा, शिकायत पेटी और गोपनीय सुनवाई की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पालकों की मांग है कि जांच सिर्फ शिक्षक तक सीमित न रहे, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही की भी जांच हो।

जानिए एकलव्य विद्यालय के संचालन के बारे में

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली अंतर्गत गठित राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS) द्वारा देशभर में एकलव्य विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों में प्रतिभाशाली आदिवासी बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में इन विद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन की प्रक्रिया अपने जा रही है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. क्या आरोप है?
PGT शिक्षक देवेंद्र दहिया पर 7 छात्राओं से अनुचित स्पर्श (बैड टच) का आरोप।

Q2. शिकायत कब हुई?
7 सितंबर को लिखित शिकायत, पालकों ने कलेक्टर-SP से भी शिकायत की।

Q3. शिक्षक कहां है?
8 सितंबर से बिना सूचना अनुपस्थित, फरार बताया जा रहा है, निलंबन प्रक्रिया शुरू।

Q4. जांच कौन कर रहा है?
AC ट्राइबल देवेंद्र सिंह के अनुसार SDM स्तर पर जांच।

Q5. स्कूल में कितने बच्चे?
343 आदिवासी विद्यार्थी, 22 नियमित + 12 अतिथि शिक्षक।

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