Politics Over Teachers’ Transfers: छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग द्वारा करीब 700 शिक्षकों के समन्वय से तबादले किए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। बिना स्पष्ट तबादला नीति के इतनी बड़ी संख्या में ट्रांसफर पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। PCC चीफ दीपक बैज ने इसे ‘वसूली का उद्योग’ बताया है, तो भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने इसे जरूरत और आवेदन के आधार पर लिया गया फैसला कहा है।

शिक्षा सत्र के बाद ट्रांसफर का मकसद सिर्फ वसूली : दीपक बैज

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर ट्रांसफर करना था तो शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले किया जाना चाहिए था।

बैज ने आरोप लगाया कि सत्र शुरू होने के बाद सूची जारी करने का उद्देश्य सिर्फ वसूली और पैसे कमाना है। उन्होंने कहा, “प्रदेश में तबादले को एक तरह का ‘उद्योग’ बनाया जा रहा है।” 

उनके इस बयान के बाद शिक्षकों के ट्रांसफर का मुद्दा फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

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आवेदन और जरूरत के आधार पर हुआ फैसला: पुरंदर मिश्रा

दीपक बैज के आरोपों पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आवश्यकता थी और जिनके आवेदन आए थे, उनका परीक्षण करने के बाद ही शिक्षा विभाग ने तबादले किए हैं।

मिश्रा ने कहा, “यह जरूरी नहीं है कि सरकार किसी भी तबादले के लिए दीपक बैज से पूछे। जो आवश्यकता थी, जो आवेदन था, तब शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर किया है।”

‘कांग्रेस के समय इंडस्ट्रीज चलती थीं’

भाजपा विधायक ने कांग्रेस के कार्यकाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय ‘इंडस्ट्रीज’ चलती थीं, जबकि मौजूदा सरकार में प्रक्रिया के तहत आवेदन लिए जाते हैं, उनका परीक्षण होता है और फिर निर्णय किया जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार के सामने जो आवेदन और आवश्यकता आती है, उसी आधार पर तबादले का फैसला होता है।

700 शिक्षकों के तबादले से उठे सवाल

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दरअसल शिक्षा विभाग ने शनिवार को करीब 700 शिक्षकों के समन्वय से तबादले किए हैं। सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि प्रदेश में नियमित तबादला नीति के तहत प्रक्रिया नहीं चल रही है।

तबादला सूची जारी होने के बाद शिक्षकों के बीच भी चर्चा है कि इतने बड़े पैमाने पर ट्रांसफर किस आधार पर हुए और आवेदन की प्रक्रिया क्या थी। वहीं सरकार का कहना है कि यह जरूरत और प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के बाद लिया गया निर्णय है।

FAQ: शिक्षक तबादला विवाद

कितने शिक्षकों के तबादले हुए?

शिक्षा विभाग ने करीब 700 शिक्षकों के समन्वय से तबादले किए हैं।

कांग्रेस का आरोप क्या है?

दीपक बैज ने कहा कि शिक्षा सत्र के बाद तबादले का मकसद वसूली और पैसे कमाना है।

भाजपा का जवाब क्या है?

पुरंदर मिश्रा ने कहा कि जरूरत और आवेदनों के परीक्षण के बाद तबादले किए गए हैं।

विवाद की वजह क्या है?

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प्रदेश में नियमित तबादला नीति न होने और सत्र शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में ट्रांसफर होना।

सरकार का पक्ष क्या है?

आवश्यकता और प्राप्त आवेदनों के आधार पर तबादले किए गए हैं।