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कलिंगा विश्वविद्यालय ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 मनाया

रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर ने शैक्षणिक, रचनात्मक और जागरूकता पर आधारित छह आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला के साथ विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 मनाया गया। यह आयोजन इस वर्ष के विषय (थीम) “एक स्वस्थ कल के लिए – सभी के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी दवाएं” के अनुरूप आयोजित किया गया था, जिसका अभियान संदेश […]

कलिंगा विश्वविद्यालय ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 मनाया
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर ने शैक्षणिक, रचनात्मक और जागरूकता पर आधारित छह आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला के साथ विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 मनाया गया। यह आयोजन इस वर्ष के विषय (थीम) “एक स्वस्थ कल के लिए – सभी के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी दवाएं” के अनुरूप आयोजित किया गया था, जिसका अभियान संदेश “रचनात्मक बनें, जागरूकता फैलाएं। AMR (एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस) से लड़ें” था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ दवाओं के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने में फार्मासिस्टों के महत्व को रेखांकित करना था।

इस समारोह में छह प्रमुख प्रतियोगिताएं शामिल थीं साइटून्स (Scitoons) प्रतियोगिता, पोस्टर प्रस्तुति, फार्मा-क्विज़ प्रतियोगिता, लीफलेट (परचा) निर्माण, नाटक (नुक्कड़ नाटक), और रील मेकिंग प्रतियोगिता। इन गतिविधियों ने छात्रों को अपनी रचनात्मकता, फार्मास्युटिकल ज्ञान, संचार कौशल, टीम वर्क और स्वास्थ्य देखभाल की महत्वपूर्ण चुनौतियों के प्रति जागरूकता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया।

इस आयोजन में डिप्लोमा, बी.फार्म, एम.फार्म और फार्म.डी पाठ्यक्रमों के छात्रों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति, फार्मास्युटिकल ज्ञान, टीम वर्क और जनस्वास्थ्य वकालत (सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता) में बढ़-चढ़कर भाग लिया।


विभिन्न प्रतियोगिता श्रेणियों के प्रमुख बिंदु एवं विजेता

• साइटून्स (Scitoons) प्रतियोगिता (थीम: AMR): छात्रों ने रचनात्मक विजुअल कार्टून के माध्यम से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की जटिल अवधारणाओं को व्यक्त किया। इसमें श्रेया सोनी ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, रुद्रांश चंद्राकर, द्वितीय पुरस्कार और निकिता कुमार व सोनाली साहू, तृतीय स्थान पर रहीं। समन्वयक: डॉ. संदीप कुमार मिश्रा और प्रांजुल श्रीवास्तव थे।

• पोस्टर प्रस्तुति (Poster Presentation): यह प्रतियोगिता महामारियों के अध्ययन व निगरानी, एंटीमाइक्रोबियल स्टीवर्डशिप, संक्रमण नियंत्रण व टीकाकरण, वन हेल्थ अप्रोच, एआई एवं डिजिटल हेल्थ, नवीन उपचार पद्धतियों तथा त्वरित निदान तकनीक जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा विषयों पर केंद्रित थी। समन्वयक: मनीषा वाल्डे, आयुष्मान रॉय और देवेंद्र कुमार साहू थे।

• फार्मा-क्विज़ प्रतियोगिता (Pharma-Quiz Competition): इस प्रतियोगिता में लिखित एमसीक्यू (MCQs), इंटरएक्टिव केस स्टडीज, रैपिड-फायर, बजर और ऑडियो-विजुअल जैसी कठिन राउंड्स शामिल थीं। इसमें प्रथम पुरस्कार सुनील साहू, साकेत अग्रवाल और समीर बिस्वास की टीम को दिया गया। द्वितीय पुरस्कार अनिल कुमार, आयुष कुमार और संदीप कुमार मौर्य ने प्राप्त किया, जबकि तृतीय पुरस्कार प्रकाश कुमार, निकिता साहू और नयन आर्य की टीम के नाम रहा। समन्वयक: खुशबू गुप्ता, जया साहू और डॉ. दुर्गेश माला थे।

• लीफलेट (परचा) निर्माण (Leaflet Preparation): इसका उद्देश्य हिंदी, अंग्रेजी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में मरीजों के लिए आसान और सुलभ शिक्षा सामग्री तैयार करना था। इसमें संजना (फार्म.डी चतुर्थ वर्ष) को समग्र विजेता घोषित किया गया। समन्वयक: श्रीमती रजनी यादव, डॉ. स्मृतिरंजन डैश और सलोनी साव थे।

• नाटक (नुक्कड़ नाटक) (Drama – Nukkad Natak): स्ट्रीट थिएटर (नुक्कड़ नाटक) के माध्यम से आम जनता को दवाओं के जिम्मेदार उपयोग और AMR के खतरों पर महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। विजेता समूह में प्रकाश कुमार, सबिता गुप्ता, नयन कुमार, मोहम्मद शारिक, निकिता कुमारी, काजल बैद्य और रिया शामिल थे। समन्वयक: डॉ. भास्कर देवांगन, दीपेश कुमार और दीपक भद्रे थे।

• रील मेकिंग प्रतियोगिता (Reel Making Competition): जनस्वास्थ्य शिक्षा के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का प्रभावी उपयोग करते हुए, “इंटरनेशनल पेशेंट सेफ्टी गोल्स” (अंतर्राष्ट्रीय मरीज सुरक्षा लक्ष्य) शीर्षक वाली रील ने पहला स्थान हासिल किया। इसे प्रकाश कुमार और नयन कुमार द्वारा तैयार किया गया था। समन्वयक: डॉ. वैभव त्रिपाठी, आकांक्षा भगत और अंकित डैश थे।

कार्यक्रम का सफल आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय के प्राचार्य डॉ. संदीप प्रसाद तिवारी और इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. एल. श्रीकांत के नेतृत्व और मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्यक्रम ने छात्रों को फार्मास्युटिकल ज्ञान को रचनात्मकता, टीम वर्क, सार्वजनिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ने का एक सार्थक मंच प्रदान किया।

इन छह गतिविधियों के माध्यम से, फार्मेसी संकाय ने सुरक्षित और प्रभावी दवाओं, दवाओं के जिम्मेदार उपयोग, मरीज की सुरक्षा और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के खिलाफ जागरूकता के संदेश को सफलतापूर्वक बढ़ावा दिया, जिससे विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 का आयोजन एक सार्थक और प्रेरणादायक उत्सव बना।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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