बिलासपुर। शिक्षा विभाग ने दो अलग-अलग मामलों में एक और शिक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों और शिक्षकीय स्टाफ को सख्त संदेश दिया है कि महिला कर्मचारियों और छात्राओं के साथ किसी भी तरह की अनुचित हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी घटनाओं पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शासकीय प्राथमिक शाला धूमा में पदस्थ प्रधान पाठक मनोज कुमार अनंत को महिला सहकर्मी से बार-बार छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जांच में दोषी पाया गया प्रधान पाठक
इस मामले में शिकायत मिलने के बाद जिला स्तर पर गठित दो स्वतंत्र जांच समितियों ने मामले की विस्तृत जांच की। दोनों समितियों ने पाया कि प्रधान पाठक मनोज कुमार अनंत द्वारा की गई हरकतें न केवल शिक्षकीय गरिमा के खिलाफ हैं, बल्कि ये महिला उत्पीड़न नियमों और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का भी उल्लंघन करती हैं।
लगातार कर रहा था परेशान
जानकारी मिली कि मनोज कुमार अनंत लंबे समय से महिला कर्मचारी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। उसकी लगातार अभद्र टिप्पणियां और व्यवहार से पीड़िता मानसिक तनाव में थी। थक-हारकर उसने स्कूल प्राचार्य से शिकायत की, जिसके बाद मामला जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचा।
जारी आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि, प्रधान पाठक मनोज कुमार अनंत का कृत्य शिक्षकीय मर्यादा के प्रतिकूल, महिला सम्मान के खिलाफ एवं सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
छात्रा से छेड़छाड़ की शिक्षक ने
उधर बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लाक के खरगहना शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक कल्याण कुमार भोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक कक्षा 11वीं की एक छात्रा से छेड़छाड़ करता पाया गया था। इस मामले की शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रकरण को लोक शिक्षण संचालनालय भेजा गया, जहां से शिक्षक को नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई। घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश था।
वहीं स्कूल प्रबंधन पर भी छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। अभिभावकों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी कर कहा है कि शिक्षक का आचरण शासकीय सेवक के पद की गरिमा के विपरीत है और यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसलिए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।


