रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर द्वारा 28 सितंबर 2026 को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, नया रायपुर के विद्यार्थियों के लिए विकासात्मक नवाचार संस्कृति एवं उद्यमिता (DICE) कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरी गतिविधि- “क्षेत्र भ्रमण एवं विचार सृजन (विद्यार्थियों से विचार आमंत्रण)” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह गतिविधि कलिंगा विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में मार्गदर्शक उच्च शिक्षा संस्थान (Mentor HEI) के रूप में, आवंटित विद्यालय पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, नया रायपुर के लिए आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी परिवेश का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना तथा उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करने, नवीन समाधानों की खोज करने और रचनात्मक विचार विकसित करने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और कार्यक्रम संचालकों MCA की छात्रा उषा चौधरी और बैचलर ऑफ साइंस की छात्रा आरूषी तिवारी के संबोधन से हुई। इसके बाद गणमान्य अतिथियों, फैकल्टी सदस्यों और भाग लेने वाले छात्रों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम हुआ। उद्घाटन सत्र के बाद अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया गया।
कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने सभा को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने में नवाचार, रचनात्मकता, अनुभवात्मक अधिगम एवं उद्यमशील सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उनके संबोधन ने विद्यार्थियों को नए विचारों की सक्रिय रूप से खोज करने तथा वास्तविक जीवन की चुनौतियों के प्रति समस्या-समाधान की दृष्टि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (कार्य अनुभव), पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, नया रायपुर, रूपेश कुमार महोबे का संबोधन भी हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों के बीच नवाचार, रचनात्मकता, व्यावहारिक अधिगम एवं उद्यमशील सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को DICE गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने, वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करने तथा अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से नवीन विचार एवं समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत नवाचार विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसका संचालन निदेशक, IQAC डॉ. विजयलक्ष्मी द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं की पहचान करने तथा उन्हें सार्थक एवं नवीन विचारों में परिवर्तित करने के महत्व पर जोर दिया। इस सत्र के दौरान एक लघु नवाचार वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता की व्यावहारिक उपयोगिता को समझने में सहायता मिली।
इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता उत्कृष्टता केंद्रों (CoEs) का दौरा था, जिसने विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों, उन्नत अनुसंधान और उद्योग-केंद्रित अनुप्रयोगों का गहन, व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। BDS लैब के CoE दौरे के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स एवं ड्रोन प्रौद्योगिकी से परिचित कराया गया तथा विभिन्न क्षेत्रों में इनके अनुप्रयोग एवं संभावनाओं की जानकारी दी गई।

COE-IIOT और CIF के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को प्रयोगशाला सुविधाओं, उपकरणों तथा अनुसंधान एवं औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित तकनीकी अनुप्रयोगों से परिचित कराया गया। भ्रमण का समापन अल्ट्राटेक के COE (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के दौरे के साथ हुआ, जहाँ विद्यार्थियों ने सीमेंट निर्माण प्रक्रिया, कच्चे माल, सीमेंट के गुणधर्म तथा निर्माण प्रक्रिया में प्रयुक्त विभिन्न घटकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कलिंगा विश्वविद्यालय की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस टीम में IQAC की निदेशक डॉ. विजयलक्ष्मी और टीम के सदस्य अभिषेक कुमार गुप्ता, अनुसंधान सहायक; अश्वन साहू, कार्यालय सहायक; पुष्पराज गेंदरे, कार्यालय सहायक; आदित्य वर्मा, कार्यालय सहायक; हेमंत साहू, कार्यालय सहायक; पीयूष श्रीवास्तव, इंटर्न; आशुतोष सिंह चौहान, इंटर्न; सिम्पी कुमारी, इंटर्न; और B.Tech. कंप्यूटर साइंस 5वें सेमेस्टर के छात्र मो. एमन शफी सहित छात्र स्वयंसेवक शामिल रहे।

कार्यक्रम में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, नया रायपुर की ओर से अरविंद श्रीवास, PGT (कंप्यूटर साइंस); रूपेश कुमार महोबे, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (कार्य अनुभव); तथा दिव्या मराई, PGT (बायोलॉजी) ने प्रतिनिधित्व किया। उनकी सक्रिय सहभागिता एवं समन्वय ने क्षेत्र भ्रमण तथा विद्यार्थियों से संबंधित सहभागिता गतिविधियों के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।



