रायपुर। मिलते जुलते नाम का फायदा लेकर दिगर ब्रांडेड कंपनी को चूना लगाने का एक बड़ा मामला राजधानी में पकड़ा गया है। काफी दिनों से उक्त कंपनी के प्रतिनिधि तहकीकात कर रहे थे। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पुलिस ने दबिश दी है। पुलिस ने यहां से ब्रांडेड कंपनियों का नकली ऑयल बरामद किया गया है।

आठ दुकानदारों के खिलाफ बना मामला

आरोपी ब्रांडेड कंपनी की स्पेलिंग (नाम) में बदलाव कर नकली ऑयल खपा रहे थे। दिल्ली- मुंबई से आए आयल कंपनी के अधिकारियों ने इस मामले की शिकायत की थी। अधिकारियों ने एसएसपी रायपुर से मुलाकात कर नाम में मामूली फेरबदलकर ऑयल खपाने की शिकायत की थी। दरअसल, टिकरापारा इलाके के आधा दर्जन दुकानों में छापा मारकर पुलिस ने डेढ़ लाख रुपये का नकली इंजन ऑयल बरामद किया है। मामले में ऑयल खपाने वाले आठ दुकानदारों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। जब्त नकली ऑयल कैस्ट्रॉल ब्रांड कंपनी के नाम पर बेचा जा रहा था।

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रायपुर में बड़ी मात्रा में कंपनी के नकली ऑयल बेचने की शिकायत

जानकारी के मुताबिक साकेत नगर, खोराबार, गोरखपुर (उप्र) निवासी दिलीप कुमार एडी एंड रिस्क मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बतौर सीनियर इनवेस्टिकेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत है। कैस्ट्रॉल लिमिटेड कंपनी ने उन्हें ब्रांड एडी को उसकी नकली बिक्री कर रहे उत्पादों को रोकने के लिए मार्केट सर्वे करने और नकली बेचते हुए पाये जाने पर उचित कार्यवाही करने के लिए अधिकृत किया है।

नकली ऑयल बेचने की शिकायत मिलने पर दिलीप शुक्रवार को टिकरापारा पुलिस थाना पहुंचे। उन्होंने कुछ दुकानदार द्वारा नकली कैस्ट्रॉल इंजन ऑयल बेचने की शिकायत की। इसके बाद पुलिस टीम ने साथ जाकर नकली कैस्ट्रॉल ऑयल बेचते राजू आटो सेंटर, नंदी चौक, नरेंद्र ऑटो पाट्र्स गभरापारा, यूएस ट्रेडर्स पचपेडी नाका, सैफू आटो सेंटर नेहरू नगर के दुकान में दबिश दी।

आठ दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाही

मौके पर पाया गया कि दुकानदार नकली कैस्ट्रॉल इंजन आइल को असली बताकर एवं नकली ट्रेड मार्क लगाकर बेच रहे हैं। मामले में आठ दुकानदारों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट 63 एवं ट्रेड मार्क अधिनियम 104 के तहत कार्यवाही की गई। जिन दुकानदारों पर केस दर्ज किया गया, उनमें राजू ऑटो सेंटर, नंदी चौक के मालिक राजेश राजपूत, नरेंद्र आटो गभरापारा के मालिक संतोष देवांगन, यूएस टेडर्स, पचपेड़ी नाका के मालिक मो. असरफ अंसारी, सैफ आटो नेहरू नगर के मालिक तहकी कुरैशी शामिल हैं।

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मामले में सभी के खिलाफ धारा 63 कॉपीराईट एक्ट 1957 एवं धारा 104 ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। रायपुर के देवपुरी में कुछ साल पहले नकली आइल बनाने का कारखाना पकड़ा गया था। यहां से भारी मात्रा में नकली आइल बरामद किए गए थे।

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