रांची। जबरन धर्मांतरण कराने वालों पर अब उत्तराखंड में बड़ी कार्रवाई की जाएगी । कैबिनेट की बैठक में  उत्तराखंड सरकार द्वारा एक अहम फैसला लेते हुए राज्य में जबरन धर्मांतरण कानून में संशोधन किया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया है कि राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन और ‘लव जिहाद’ पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। कैबिनेट ने फैसला किया कि राज्य में जबरन धर्मांतरण को अब एक संज्ञेय अपराध बना दिया गया है। इस अपराध में शामिल लोगों के लिए 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है।  


सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में धर्मांतरण के मुद्दे पर चर्चा हुई। राज्य में धर्मांतरण कानून में संशोधन करते हुए अब धर्मांतरण में शामिल अपराधियों को 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। उत्तराखंड सरकार का ये फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार को आवश्यकव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

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बीते कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, यूपी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और यहां तक कि दिल्ली में ऐसी कई घटनाएं सामने आई थीं। जिनमें धर्मांतरण न करने पर लड़कियों को मार दिया गया या फिर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया।


सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण पर टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार से कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर मामला है। जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए केंद्र की ओर से ईमानदार प्रयास किए जाने चाहिए। अन्यथा बहुत कठिन स्थिति आएगी। हमें बताएं कि आप क्या कार्रवाई करेंगे करते हैं। आपको इसे रोकने के लिए कदम उठाने होंगे।


राजस्थान में सामने आया था सामूहिक धर्मांतरण बड़ा मामला  
इससे पहले नवंबर में राजस्थान के जयपुर से सामूहिक धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया था। हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ नफरत भरे संदेशों का प्रचार करने वालों ने दलितों और अन्य आर्थिक रूप से पिछड़े समाजों के सैकड़ों परिवारों को कथित तौर पर हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तित कर दिया था।

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एक और ऐसा ही मामला दिल्ली से सामने आया जिसमें एक सामूहित धर्मांतरण में 10,000 हिंदूओं को कथित तौर पर बौद्ध धर्म में परिवर्तित किया गया था। घटना अक्टूबर की है । वीडियों में आप के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को हिंदू धर्म के खिलाफ शपथ लेते हुए देखा गया। हंगामें के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देने पड़ा।