Hernia Disease: छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगा हर्निया बीमारी के प्रति जागरूकता अभियान, जानें लक्षण और बचाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोगों को हर्निया बीमारी के प्रति जागरुक करने का अभियान शुरू होने जा रहा है। इसके तहत एक लाख लोगों तक डॉक्टर्स की टीम पहुंचेगी और उन्हें इस बीमारी के बारे में बताया जाएगा। रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल के डाक्टर संदीप दवे ने बताया, देखा गया है कि लोगों को कई बार समझ ही नहीं आता कि उन्हें हुआ क्या है, देर होने के बाद बीमारी के बढ़ने के बाद इलाज भी मुश्किल होता है। इसलिए हम जागरुकता अभियान शुरू कर रहे हैं।

रामकृष्ण अस्पताल द्वारा 1,00,000 लोगो को हर्निया के प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया है। डॉक्टरों का कहना है कि दीवाली के फौरन बाद इस अभियान की शुरू होगी। पहले चरण में प्रदेश के हर जिले में एक्सपर्ट चिकित्सक कैम्प करेंगे। इस दौरान नि:शुल्क जांच की जाएगी। मरीज इन कैम्पों में अपनी स्क्रीनिंग करवा सकेंगे। इसके बाद जिन्हें जरुरत होगी तो सर्जरी की जाएगी। 26 नवंबर को रायपुर सेंटर में ही सर्जरी होंगी। इन सर्जरी में जो जरुरतमंद लोग हैं उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत कम से कम खर्च या नि:शुल्क सर्जरी की सुविधा दी जाएगी। ये अभियान 60 दिनों तक चलेगा।

हर्निया सामान्य दिनचर्या में असुविधा या दर्द उत्पन्न कर सकता है। वजन उठाने या भारी काम करने में भी तकलीफ होती है। यहां तक कि नार्मल रूटीन लाइफ पर भी असर पड़ता है। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि समय के साथ हर्निया में ना तो सुधार होता है और ना ही जाता है, जैसा कि कई बीमारियों में होता है। बल्कि समय के साथ यह बढ़ता ही जाता है और गंभीर रूप धारण कर सकता है। हर्निया में आंतों के फंसने या अटकने की स्थिति में जान का खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसलिए इसका उपचार तुरंत करवाना चाहिए।

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मांसपेशियां कमजोर होने के कारण मनुष्य को कई तरह की बीमारियां और परेशानियां होती हैं, हर्निया भी उन्हीं में से एक है। जब एक मांसपेशी या उत्तक में छेद होकर उसके अंदर का अंग/हिस्सा बाहर आने लगता है तो उसे मेडिकल की भाषा में हर्निया रोग कहते हैं। ज्यादातर मामलों में यह पेट में देखने को मिलता है, लेकिन यह जांघ के ऊपरी हिस्से, नाभि और कमर के आसपास भी हो सकता है। अधिकतर मामलों में हर्निया घातक नहीं होते हैं, लेकिन उन्हें इलाज की आवश्यकता होती है। हर्निया का एकमात्र इलाज सर्जरी है।

हर्निया रोग के कारण

हर्निया के कई कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से मांसपेशियां कमजोर होने के कारण हर्निया होता है। मांसपेशियों के कमजोर होने के मुख्य कारणों में निम्न शामिल हो सकते हैं जो आगे जाकर हर्निया का कारण बन सकते हैं:-

• उम्र बढ़ना
• चोट लगना
• गर्भवती होना
• मोटापा होना
• धूम्रपान करना
• वजन अधिक होना
• पुरानी खांसी होना
• पीसीओडी होना
• आनुवंशिक कारण
• पुरानी कब्ज होना
• हैवी व्यायाम करना
• भारी वजन उठाना
• मल्टीपल गर्भधारण होना
• सिस्टिक फाइब्रॉइड्स होना
• जन्म के दौरान शिशु का वजन कम होना
• पेट में तरल पदार्थ जमा होना
• सर्जरी के दौरान कोई जटिलता होना

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हर्निया रोग के लक्षण (Symptoms of Hernia)

दूसरी समस्याओं की तरह हर्निया के भी कुछ मुख्य लक्षण होते हैं जो उनकी मौजूदगी की ओर इशारा करते हैं। हर्निया के लक्षण में निम्न शामिल हो सकते हैं:-
• प्रभावित हिस्सा उभरा हुआ दिखाई पड़ना
• प्रभावित हिस्से को छूने पर हल्का दर्द होना
• शरीर में भारीपन महसूस होना
• देर तक खड़े रहने में परेशानी होना
• मल-मूत्र त्याग करते समय कठिनाई होना
• त्वचा के अंदर कुछ फुला-फुला महसूस करना
• शरीर के किसी हिस्से से चर्बी का बाहर निकलना

इन सबके अलावा, उठते, बैठते या दैनिक जीवन के कामों को करते समय प्रभावित हिस्से में दर्द महसूस करना भी हर्निया के मुख्य लक्षणों में से एक है।

हर्निया रोग से नुकसान

हर्निया के अनेक नुकसान हैं। जब आंत या वसायुक्त चर्बी का टुकड़ा हर्निया की थैली में फंस जाता है तो सूजन पैदा होती है और उत्तक में खून की आपूर्ति बंद हो जाती है। खून की आपूर्ति नहीं होने के कारण उत्तक मरने लगते हैं जिसे स्ट्रैंगुलेटेड हर्निया कहते हैं।

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स्ट्रैंगुलेटेड हर्निया के कारण मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। यही कारण है कि इसे आपात मेडिकल देखभाल की आवश्यकता होती है। साथ ही, हर्निया का आकार बड़ा होने पर पेट और खाने की नाली विस्थापित हो सकती है।

हर्निया रोग का परीक्षण – Diagnosis of Hernia

हर्निया का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट करते हैं जिनमें निम्न शामिल हो सकते हैं:-

• अल्ट्रासाउंड
• सिटी स्कैन
• एमआरआई
• एंडोस्कोपी
• गैस्ट्रोग्राफिन या बेरियम एक्स-रे

हर्निया की जांच करके डॉक्टर हर्निया के प्रकार और उसकी गंभीरता की पुष्टि करते हैं। उसके बाद, इलाज की प्रक्रिया शुरू करते हैं।

हर्निया रोग का इलाज

सर्जरी ही हर्निया का एकमात्र इलाज है। जीवनशैली में बदलाव या दवाओं की मदद से हर्निया के लक्षणों को बस कम किया जा सकता है। सर्जरी के दौरान डॉक्टर हर्निया को बाहर निकाल देते हैं। हर्निया की सर्जरी को दो तरह से किया जाता है जिसमें ओपन सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी शामिल हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।