बिलासपुर। न्यायधानी में कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग की टीम ने उसलापुर स्थित न्यू वंदना हास्पिटल का आकस्मिक निरीक्षण किया। CMHO डॉ. अनिल श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने उपचर्या गृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापना अनुज्ञापन नियम 2013 के तहत अस्पताल की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई गई, जिसके लिए अस्पताल संचालक को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है।

लैब में काम कर रहा था DMLT का छात्र

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में पैथोलाजी लैब कलेक्शन सेन्टर में डीएमएलटी की पढ़ाई कर रहे अजय साहू कार्य करते पाया गया। साहू का पैरामेडिकल कॉउन्सिल में पंजीयन नहीं हैं। वहीं परिसर में कायरत डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर एवं शुल्क का प्रदर्शित होना नहीं पाया गया।

नर्सिंग स्टाफ का भी कॉउन्सिल में पंजीयन नहीं

आपातकालीन कक्ष में अलिशा ध्रुव GDA कार्यरत पाई गई। जिसका नर्सिंग कॉउन्सिल में पंजीयन नहीं है। प्रथम तल की आईपीडी एरिया में 15 बिस्तर उपलब्ध हैं। यहां चम्पा मण्डल जीडीए एवं रीता जीएनएम कार्यरत पाये गये। जबकि इनके स्थान पर नर्सिंग कौंसिल में पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी होनी चाहिए।

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गहन चिकित्सा कक्ष में जीडीए सपना टण्डन एवं गिरधारी यादव कार्यरत पाये गए जबकि यहां नर्सिग कौंसिल में पंजीकृत नर्सिंग स्टॉफ की ड्यूटी लगनी चाहिए। द्वितीय तल में मेल एवं फिमेल वार्ड में दो बिस्तरों के बीच की दूरी मानक के अनुरूप नहीं पाया गया।

बायोमेडिकल बकेट नहीं मिले

जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन अनुरूप कलर कोडेड बायोमेडिकल बकेट नहीं पाये गये। निरीक्षण के दौरान संस्थान में ऐलौपेथिक चिकित्सकों के अतिरिक्त डॉ.देव पैकरा बीएचएमएस वार्ड में ड्यूटी करते पाये गये, जो कि नियमों के विपरित है। डॉ. अभिषेक शाह, डॉ. एन.के.साव, डॉ. एमपी सामल, डॉ. खुशबू दुबे, डॉ. संदीप चरण का अस्पताल में कार्यरत होने के संबंध में सूचना फलक में प्रदर्शित होना पाया गया किन्तु संचालक के द्वारा CMHO कार्यालय में इसकी सूचना नहीं दी गई है।

बिलासपुर के उसलापुर स्थित न्यू वंदना हास्पिटल के निरीक्षण में जो भी खामियां पाई गईं, उसकी सूची तैयार कर अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही 3 दिनों के भीतर इसका जवाब मांगा गया है। बताया जा रहा है कि बिलासपुर कलेक्टर को इस अस्पताल को लेकर शिकायत मिली थी, जिसकी जांच के लिए खुद CMHO अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे। बहरहाल देखना है कि इस मामले में प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।

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