ओमिक्रॉन का पता लगाने वाली पहली किट Omisure को ICMR की मंजूरी, जानें कैसे होगी पहचान

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। ओमिक्रॉन की वजह से कई राज्यों में बहुत ही बुरे हाल हो गए हैं। इसी बीच एक अच्छी खबर सामने आई है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बड़ा फैसला लिया है। ICMR ने ओमिक्रॉन का पता लगाने वाली पहली किट को मंजूरी दे दी है। इसे टाटा मेडिकल ने तैयार किया है और इसका नाम Omisure रखा है।

टाटा मेडिकल ने तैयार की ओमिश्योर

एक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा मेडिकल (Tata Medical & Diagnostics) की किट को 30 दिसंबर, 2021 को मंजूरी मिल गई थी, अब इसकी जानकारी सामने आई है। अब टाटा की जिस किट को मंजूरी दी गई है उसका नाम TATA MD CHECK RT-PCR OmiSure है।

अब तक देश में ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए दूसरी किट का उपयोग किया जा रहा है। उस मल्टीप्लेक्स किट की अमेरिका की Thermo Fisher द्वारा मार्केटिंग की जा रही है। बताया जा रहा है कि किट एस-जीन टारगेट फेलियर (SGTF) स्ट्रेटर्जी से ओमिक्रॉन का पता लगाती है।

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तेजी से फैल रहा है ओमिक्रोन

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन देश के सभी राज्यों में तेजी से पाव पसार रहा है। ओमिक्रॉन के बढ़े मामले को लेकर सभी चिंतित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार की सुबह जानकारी दी है कि देश में ओमिक्रोन के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,892 हुई।

महाराष्ट्र और दिल्ली में ओमिक्रोन के सबसे ज़्यादा 568 और 382 मामले हैं। इसके 1,892 मरीजों में से 766 मरीज रिकवर हो गए हैं। वहीं देश में बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस के 37,379 नए मामले आए, 11,007 रिकवरी हुईं और 124 लोगों की कोरोना से मौत हुई।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।