ट्रैफिक रूल तोड़ा तो जांच करेंगे डीएसपी, पुलिस काटेगी चालान और पटाने जाना होगा एसपी के दफ्तर : गृहमंत्री

रायपुर। ट्रैफिक नियम (Traffic rules)  तोड़ने की जांच अब डीएसपी रैंक के अधिकारी की मौजूदगी में होगी। तो वहीं  ट्रैफिक नियम  (Traffic rules)  टूटने की तस्दीक होने के बाद पुलिस सिर्फ चालान (police will issue challan ) काटेगी। जुर्माने की रकम पटाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय (office of Superintendent of police) में एक विशेष काउंटर (special counter ) बनाया जाएगा। पुलिस अब वाहन चालकों (Vehicle drivers) से किसी भी तरह की रकम नहीं ले सकेगी। मंगलवार को ये घोषणा गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने की। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार पुलिस की वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर ये फैसला लिया गया।

वसूली से मिलेगी लोगों को राहत: गृहमंत्री
प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि इससे अब पुलिस वसूली नहीं कर सकेगी। उसे सिर्फ चालान काटने का अधिकार होगा। वह भी तब जब डीएसपी रैंक के अधिकारी के सामने ये प्रूव हो जाए कि सामने वाले ने यातायात के नियमों का उल्लंघन किया है।

जब मर्जी आई शुरू कर दी कार्रवाई:
यहां ये भी देखने में आता था कि जब भी पुलिस की मर्जी आई, शुरू कर दी वाहनों के जांच की कार्रवाई। डीएसपी रैंक के अधिकारी की मौजूदगी में तो कम से कम ऐसा नहीं कर सकेंगे। वहीं बड़ी तादाद में लोगों को ऐसे ही जाने दिया जाता था। अब अगर सामने अफसर रहेंगे तो पुलिस बल के जवानों पर एक मनोवैज्ञानिक दबाव भी रहेगा। तो वहीं जो वाहन चालक पहले भाग जाया करते थे उनको भी डर रहेगा कि सामने पुलिस आफिसर मौजूद हैं। ऐसे में अगर भागने की कोशिश करेंगे तो दांव उल्टा पड़ जाएगा। कुल मिलाकर ज्यादातर लोग इस से बड़ी राहत महसूस करेंगे।

काम कर गई कांग्रेस कार्यकर्ता की शिकायत:
कुछ समय पहले राजीव भवन में हुई एक बैठक के दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता ने ये आरोप लगाया था कि पुलिस चालान के नाम पर परेशान करती है। कार्यकर्ताओं का कार्ड बनवा दिया जाए। उस वक्त तो सीएम भूपेश बघेल ने इसको लगा कि हल्के में ले रहे हैं, मगर आज जब इसको लेकर गृहमंत्री का जवाब आया तो लोगों को लगा कि उस कार्यकर्ता की शिकायत को सरकार ने गंभीरता से लिया है। गृहमंत्री ने भी स्पष्ट किया कि इससे अवैध वसूली जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

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