गजब हो गया! इस बैंक ने बगैर मांगे ही 84000 ग्राहकों को जारी कर दिया Loan, जानें पूरा मामला

टीआरपी डेस्क। Indusind Bank ने ‘Loan Evergreening’ पर व्हिसलब्लोअर के दावों को पूरी तरह से ‘‘गलत और निराधार’’ बताते हुए हुए शनिवार को स्वीकार किया कि उसने मई में तकनीकी गड़बड़ी के कारण 84,000 हजार ग्राहकों को बिना उनकी सहमति के लोन दिया। ‘लोन एवरग्रीनिंग’ का अर्थ डिफॉल्ट की कगार पर पहुंच चुके लोन का नवीनीकरण करने के लिए उस फर्म को ताजा लोन देना है।

निजी क्षेत्र के बैंक ने सफाई देते हुए कहा कि फील्ड कमचारियों ने दो दिन के भीतर ही बिना सहमति के ग्राहकों को लोन देने की सूचना दी थी, जिसके बाद इस गड़बड़ी को तेजी से ठीक कर लिया गया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अज्ञात व्हिसलब्लोअर ने बैंक प्रबंधन और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को इंडसइंड बैंक की सहायक इकाई बीएफआईएल द्वारा दिए गए इस तरह के लोन के बारे में एक पत्र लिखा है, जिसमें कुछ शर्तों के साथ लोन के नवीनीकरण (लोन एवरग्रीनिंग) का आरोप लगाया गया है। इस तरह जहां मौजूदा ग्राहक अपना कर्ज नहीं चुका पा रहे थे, वहां उन्हें नया लोन दिया गया, ताकि बही-खातों को साफ रखा जा सके।

See also  GST Collection August 2025: जीएसटी कलेक्शन से भरा सरकार का खजाना, जानिए अगस्त में कितनी हुई कमाई

बैंक ने इन आरोपों पर जवाब दिया कि, ‘‘हम Loan Evergreening के आरोपों का पूरी तरह से खंडन करते हैं। बीएफआईएल द्वारा जारी और प्रबंधित लोन नियामक द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करने के बाद ही दिए गए। इसमें कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के प्रकोप के दौरान दिए गए लोन भी शामिल है।’’ बैंक ने कहा कि मई 2021 में तकनीकी गड़बड़ी के कारण करीब 84,000 ग्राहकों को बिना अनुमति के लोन दिए गए।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर