टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों ने सिर्फ भारत की राजनीति नहीं बदली है, बल्कि इसकी गूंज सात समंदर पार और खासकर पड़ोसी देश पाकिस्तान तक जा पहुंची है। आजादी के बाद पहली बार बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और ममता बनर्जी के किले के ढहने से पाकिस्तान के नेताओं और मीडिया जगत में कोहराम मच गया है। आलम यह है कि वहां के टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर सिर्फ मोदी लहर की चर्चा हो रही है।

अब जंग को कोई नहीं रोक सकता

पाकिस्तान के मशहूर रक्षा विश्लेषक कमर चीमा ने बंगाल में भगवा लहर देखकर एक भड़काऊ वीडियो जारी किया है। चीमा का कहना है कि भारत का 72% इलाका अब पूरी तरह बीजेपी के कंट्रोल में है और मोदी का राष्ट्रवाद वाला नैरेटिव जीत गया है। चीमा ने बयान दिया, अब भारत और पाकिस्तान की लड़ाई को कोई नहीं रोक सकता। भारत का मैप भगवा रंग में रंग गया है। मोदी का नैरेटिव जीत गया है। अब भारत-पाकिस्तान का युद्ध बहुत विनाशकारी होगा। जंग, राष्ट्रवाद, धर्म…ये उनकी ताकत है। बीजेपी खुद को मजबूत कर चुकी है और अब हमें समझ लेना चाहिए कि भारत के साथ हमारी जंग वहीं से शुरू होगी जहां पर खत्म हुई थी।

बंगाल हिंदुओं के लिए आखिरी ट्रेन थी

वहीं, पाकिस्तान की जानी-मानी पत्रकार आरजू काजमी ने बंगाल की हार-जीत का जो विश्लेषण किया है, वह चौंकाने वाला है। आरजू ने कहा कि ममता बनर्जी ने खुद को जनता से अलग-थलग कर लिया, जबकि पीएम मोदी का मंत्र लोगों के सिर चढ़कर बोला। आरजू के मुताबिक, बंगाल के हिंदुओं ने यह सोचकर वोट दिया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और कश्मीर से भगाए जाने के बाद बंगाल उनके लिए आखिरी उम्मीद थी। अगर यहां भी चूक जाते तो हिंदुओं को भागने की जगह नहीं मिलती।

पाकिस्तानी मीडिया में स्टालिन का जिक्र और हार का मातम

पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार डॉन (Dawn) ने भी ममता की हार पर लंबी टिप्पणी की है। अखबार ने जोसेफ स्टालिन का जिक्र करते हुए लिखा कि भारत में वामपंथियों और कांग्रेस के विरोध ने हिंदुत्व की ताकत को बढ़ने का मौका दे दिया। पाकिस्तानी मीडिया का मानना है कि ममता बनर्जी का हारना और बीजेपी का 206 सीटें जीतना दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जिससे पाकिस्तान को अपनी विदेश नीति पर फिर से सोचना पड़ेगा।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।