नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी की बाढ़ और रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रतीकात्मक चित्रण
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से भारी तबाही, 15 हेलीकॉप्टरों की मदद से रेस्क्यू अभियान जारी।

Nepal Flood: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही हुई है, जिसमें 105 भारतीय पर्यटकों समेत 300 से अधिक पर्यटक और पदयात्री लापता हो गए हैं।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए 15 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। सेना और सुरक्षा एजेंसियों के साझा अभियान में प्रभावित इलाकों से अब तक 25 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

384 यात्रियों के लापता होने की शुरुआती जानकारी

पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों से कुल 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना मिली थी। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां ट्रेकिंग गाइडों की मदद से आंकड़ों का सत्यापन कर रही हैं। विदेशी पर्यटकों में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं। वहीं ‘कैलाश जर्नी’ के कुल 31 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 26 विदेशी (राष्ट्रीयता अप्रमाणित) और 5 नेपाली नागरिक शामिल हैं।

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25 लोग रेस्क्यू, मछली ट्रेनिंग कैंप में बना मेडिकल सेंटर

नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के मुताबिक, बुसी तथा तुसु जैसे सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों से 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। रेस्क्यू में 7 नेपाली सेना के और 8 अन्य एजेंसियों के (कुल 15) हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। घायलों के इलाज के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में एक मेडिकल सेंटर बनाया गया है, जहां मेडिकल टीमों के साथ बचाव दल मुस्तैद हैं। बाढ़ के तेज बहाव से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में खड़े कई वाहन बह गए हैं।

13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान और यातायात ठप

भोटेकोशी नदी के उफान से क्षेत्र की 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई परियोजनाओं के बांध, पावरहाउस और पहुंच मार्गों को भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिंग जाने वाले वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी किया गया है।

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भारत-नेपाल सीमा पर SSB अलर्ट

नेपाल में आई आपदा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को तैयार रखा है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं। SSB की बटालियनों को स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर और पूर्वी बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में घाघरा-कर्णाली और उत्तराखंड में महाकाली नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों में कोसी तथा नारायणी नदी बेसिन के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

5 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1: नेपाल के रसुवा जिले में बाढ़ किस नदी में और कब आई?

उत्तर: रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से भीषण बाढ़ आई।

Q2: इस बाढ़ में कितने भारतीय पर्यटक लापता बताए गए हैं?

उत्तर: नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार 105 भारतीय पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल पाया है।

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Q3: राहत और बचाव कार्य में कितने हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है?

उत्तर: रेस्क्यू के लिए कुल 15 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, जिनमें 7 नेपाली सेना के और 8 अन्य एजेंसियों के हैं।

Q4: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से कितने लोगों को निकाला गया है और इलाज की क्या व्यवस्था है?

उत्तर: बुसी और तुसु इलाकों से 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। घायलों के इलाज के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर बनाया गया है।

Q5: भारत-नेपाल सीमा पर क्या सुरक्षा और राहत कदम उठाए गए हैं?

उत्तर: SSB ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमें तैयार रखी हैं और 7 टीमें स्टैंडबाय पर हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार से सटे नदी बेसिनों पर निगरानी रखी जा रही है।