प्रेसिडेंशियल पावर पाने वाली पहली महिला बनी कमला हैरिस, जानें क्यों सिर्फ 1 घंटे 25 मिनट के लिए संभाली कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद
प्रेसिडेंशियल पावर पाने वाली पहली महिला बनी कमला हैरिस, जानें क्यों सिर्फ 1 घंटे 25 मिनट के लिए संभाली कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद

इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने शुक्रवार को सिर्फ एक घंटे 25 मिनट के लिए राष्ट्रपति पावर सम्हाली थी। इसी के साथ सिर्फ 85 मिनट के लिए राष्ट्रपति की शक्तियां संभालने वाली वह पहली अमेरिकी महिला बन गई हैं। कमला हैरिस को ये संक्षिप्त कार्यकाल दिया गया है, बाइडेन ने अपने हेल्थ चेकअप के दौरान कोलोनोकॉपी टेस्ट करवाया था।

व्हाइट हाउस की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस को शक्तियों के अस्थायी हस्तांतरण की घोषणा करने वाले पत्र सुबह 10 बजे भेजा गया। जिसमें बताया गया कि राष्ट्रपति ने सुबह 11:35 बजे अपने कामकाज फिर से शुरू कर दिया है। जेन साकी ने बताया कि कोरोनोकॉपी टेस्ट के दौरान राष्ट्रपति कुछ देर के लिए बेहोश हो गए, जिसकी वजह से उपराष्ट्रपति को उनकी शक्तियां दी गई। जिसकी अवधि 85 मिनट की थी। साकी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी है। साल 2002 और 2007 में अस्थायी शक्तियां दी जा चुकी है। यही प्रक्रिया पूर्व में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी अपनाई थी।

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जानें क्या है एनेस्थीसिया क्या है?

सीधे और साफ शब्दों में कहें तो कोई भी डॉक्टर सर्जरी से पहले किसी को भी एनस्थीसिया देकर सर्जरी शुरू कर सकता है। इसमें मरीज की सर्जरी, कोई मेडिकल प्रोसेस, जिसके तहत मरीज को बेहोश किया जाए, उसे एनेस्थीसिया कहते हैं। एनेस्थीसिया गैस या वाष्प के रूप में मरीज को इंजेक्शन के जरिए दी जाती है या फिर मरीज को सर्जरी से पहले सुंघाया जाता है। इसका असर होते ही मरीज बेहोश हो जाता है और होश में आने तक एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की निगरानीं रहता है। जब राष्ट्रपति किसी स्वास्थ्य बीमारी के चलते अस्वस्थ हो जाते हैं तो उनकी शक्ति उप राष्ट्रपति के पास अस्थायी रूप से दे दी जाती हैं। हर देश में कानून अलग अलग हैं, क्योंकि किसी देश में प्रधानमंत्री या फिर राष्ट्रपति के पास देश चलाने की शक्तियां होती हैं।