पाकिस्तान में एक बार फिर अज्ञात हमलावरों ने अपनी मौजूदगी से दहशत फैला दी है। नजारा कुछ-कुछ वैसा ही था जैसा हमने फिल्मों में देखा है, सटीक निशाना और पलक झपकते ही काम तमाम। इस बार बंदूकधारियों की हिटलिस्ट में भारत का एक पुराना और खूंखार दुश्मन अमीर हमजा था।

बीच सड़क पर घेराबंदी, फिर ताबड़तोड़ फायरिंग

बता दें कि लाहौर की सड़कों पर एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर अमीर हमजा को घेरकर हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने जिस सफाई और सूझबूझ से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, उसने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। हमजा बुरी तरह जख्मी हुआ और फिलहाल अस्पताल के ICU में भर्ती है। वह अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है और बचने की उम्मीद बेहद कम है।

कौन है अमीर हमजा? क्यों था ये निशाने पर?

अमीर हमजा कोई मामूली नाम नहीं है। इसे लश्कर-ए-तोयबा का ‘रणनीतिक दिमाग’ माना जाता है। यह उन शुरुआती लोगों में से एक था, जिसने हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तोयबा को खड़ा किया। इसे संगठन का मुख्य विचारक माना जाता था, जो युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंक की राह पर धकेलता था। इसकी अहमियत का अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि अमेरिका ने इसे ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित कर रखा है।

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क्या शुरू हो चुका है सफाई अभियान का अगला चरण?

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के भीतर भारत के कई दुश्मनों का रहस्यमयी तरीके से खात्मा हुआ है। अमीर हमजा पर हुए इस हमले ने उन चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है कि क्या पड़ोसी मुल्क में छिपे बैठे आतंकियों का ‘सफाई अभियान’ अब अपने अगले चरण में पहुँच चुका है? हमजा को संभलने तक का मौका नहीं मिला, और अब उसकी नाजुक हालत पाकिस्तान के सुरक्षित पनाहगाहों के दावों पर सवालिया निशान लगा रही है।