टीआरपी डेस्क। भारत ने 24 घंटे में दूसरी बार गुरुवार को सतह से सतह पर मार करने वाली प्रलय बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। ये मिसाइल 150 से 500 किलोमीटर के बीच टारगेट को तबाह कर सकती है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक प्रलय मिसाइल (Pralay Missile) का यह टेस्ट विभिन्न रेंज और सभी पैरामीटर्स पर मिसाइल को परखने के लिए किया गया। और इसने सभी मापदंडों को पूरा किया। सरकारी अधिकारियों इस मिसाइल की एक खासियत यह भी है कि हवा में यह अपना रास्ता बदल सकती है। आप को बता दे की यह पिछले 24 घंटों में मिसाइल का यह दूसरा सफल परीक्षण है।

भारत ने बुधवार को ओडिशा तट के पास सतह से सतह पर मार करने में सक्षम कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘प्रलय’ का सफल परीक्षण किया गया था। अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार है, जब देश में बनी किसी मिसाइल को दो दिन में दूसरी बार परीक्षण किया गया है। इस मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन यानी DRDO ने बनाया है और यह 500-1000 किलोग्राम का वॉरहेड्स ले जा सकती है।

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नई तकनीक से लैस

रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित प्रलय मिसाइल ठोस प्रणोदक रॉकेट मोटर और अन्य नई तकनीक से लैस है। ठोस-ईंधन, युद्धक मिसाइल भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से ‘पृथ्वी रक्षा वाहन’ पर आधारित है। इस मिसाइल की निर्देशक प्रणााली में अत्याधुनिक नौवहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे हुए हैं। DRDO ने बयान जारी कर बताया था कि एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सुबह करीब साढ़े दस बजे लॉन्च की गई मिसाइल ने मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया। बयान के अनुसार निगरानी उपकरणों के जरिए तट रेखा से इसकी लॉन्चिंग की निगरानी की गई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया ट्वीट

इसमें बताया गया कि ‘प्रलय’ ठोस प्रणोदक रॉकेट मोटर और अन्य नई तकनीक से लैस है। मिसाइल निर्देशक प्रणााली में अत्याधुनिक नौवहन एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगे हुए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया था, ‘पहले परीक्षण के लिए डीआरडीओ और इससे जुड़ी टीम को बधाई। उन्होंने कहा, ‘सतह से सतह पर मार करने वाले आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल के सफल प्रक्षेपण के लिए मैं बधाई देता हूं। आज महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। रक्षा-अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष जी. सतीश रेड्डी ने कहा कि नई पीढ़ी की मिसाइल से सशस्त्र बलों को और ताकत मिलेगी।

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