Houthi Rebels: ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण जंग के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने मोर्चा खोलकर पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। लाल सागर (Red Sea) से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों ने वैश्विक व्यापार की कमर तोड़ दी है। दरअसल, हूतियों का साफ कहना है कि जब तक गाजा में इजरायल की कार्रवाई नहीं रुकती, वे समंदर में अपनी सर्जिकल स्ट्राइक जारी रखेंगे।

कौन हैं ये हूती और क्यों हैं इतने खतरनाक?

बता दें कि हूती यमन के उत्तरी हिस्से का एक शक्तिशाली सैन्य और धार्मिक संगठन है, जिसका नेतृत्व हूती परिवार करता है। ये शिया इस्लाम के जैदी संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं। सूत्रों ने बताया कि पहले ये सिर्फ गुरिल्ला युद्ध तक सीमित थे, लेकिन अब ईरान के सपोर्ट से इनके पास लंबी दूरी की मिसाइलें और घातक आत्मघाती ड्रोन मौजूद हैं। गौरतलब है कि आज ये सिर्फ एक गुट नहीं, बल्कि एक समानांतर सेना बन चुके हैं।

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लाल सागर में ब्लॉकबस्टर तनाव

7 अक्टूबर को हमास-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से हूतियों ने खुद को फिलिस्तीन का रक्षक घोषित कर दिया है। लाल सागर, जो दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक मार्गों में से एक है, अब हूतियों का टारगेट बन गया है। अमेरिका और उसके सहयोगियों ने हूतियों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक तो की है, लेकिन सूत्रों की मानें तो हूतियों के तेवर और ज्यादा तल्ख हो गए हैं।

बस एक इशारे का है इंतजार

हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने खुलेआम चेतावनी दी है कि उनके हाथ ट्रिगर पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर पूर्ण युद्ध का एलान नहीं किया है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वे ईरान के इशारे का इंतजार कर रहे हैं। अगर हूतियों ने स्वेज नहर या हॉर्मुज स्ट्रेट का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया, तो भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।

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हूतियों की इस सक्रियता का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है। अगर लाल सागर का रास्ता बंद होता है, तो जहाजों को पूरा अफ्रीका घूमकर आना पड़ेगा, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाएगा। इसका नतीजा यह होगा कि खाने-पीने की चीजों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक, सब कुछ महंगा हो सकता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।