जगदलपुर। 5वीं वाहिनी सशस्त्र बल कंगोली की कर्मचारी कल्याण साख समिति में करीब 3 करोड़ रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने एक और कार्रवाई की है। परपा पुलिस ने वित्त विभाग से जुड़े प्रधान आरक्षक संजय चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले 29 जुलाई को समिति के अध्यक्ष प्रधान आरक्षक शिवकांत तिवारी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि समिति में 2012 से 2021 के बीच लोन खातों और जमा राशि में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायत मिली थी। शिकायत है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करीब 3 करोड़ रुपये का गबन किया। इस मामले में परपा थाना में जुर्म दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई।
अब तक 2 गिरफ्तार
- शिवकांत तिवारी – समिति अध्यक्ष, प्रधान आरक्षक। 29 जुलाई को गिरफ्तार
- संजय चौहान – वित्त विभाग, प्रधान आरक्षक। हिरासत में पूछताछ के बाद गिरफ्तार
दरअसल इससे पहले 29 जुलाई को इस कल्याण साख समिति के अध्यक्ष और प्रधान आरक्षक शिवकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद शिवकांत के परिजनों ने जगदलपुर में प्रेस वार्ता लेकर शिवाकांत को निर्दोष बताते हुए इस मामले में अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता बताई थी, पुलिस ने इस मामले में लगातार जांच कर प्रधान आरक्षक संजय चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की जांच जारी
एसपी ने कहा कि अभी जांच जारी है, आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल आरोपियों से गबन की गई राशि बरामद नहीं हुई है।
पुलिस लेन-देन के रिकॉर्ड, लोन फाइलें और बैंक स्टेटमेंट खंगाल रही है ताकि गबन की पूरी रकम और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
FAQ: कर्मचारी कल्याण की राशि का गबन
सवाल 1: जगदलपुर में कहां गबन हुआ?
कंगोली स्थित 5वीं वाहिनी सशस्त्र बल की कर्मचारी कल्याण साख समिति में करीब 3 करोड़ रुपये का गबन हुआ।
सवाल 2: कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई?
अब तक 2 प्रधान आरक्षक गिरफ्तार हुए हैं – समिति अध्यक्ष शिवकांत तिवारी और वित्त विभाग के संजय चौहान।
सवाल 3: गबन कैसे किया गया?
आरोप है कि 2012 से 2021 के बीच लोन खातों और जमा राशि में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर हेराफेरी की गई।
सवाल 4: गबन की राशि बरामद हुई?
नहीं, अब तक आरोपियों से गबन की राशि बरामद नहीं हुई है। पुलिस जांच कर रही है।
सवाल 5: आगे क्या कार्रवाई होगी?
बस्तर एसपी के मुताबिक जांच जारी है और इसमें और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


