Agra Dal Moth: दुनिया के सात अजूबों में शामिल खूबसूरत ताजमहल और मुंह में पानी ला देने वाला रसीला पेठा अपनी जगह खास है, लेकिन आगरा का स्वाद सिर्फ मीठे तक सीमित नहीं है। तीखे और नमकीन के शौकीनों के लिए उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की पारंपरिक और कुरकुरी दालमोठ किसी खजाने से कम नहीं है।
बाजारों और गलियों में मिलने वाली यह खास नमकीन न सिर्फ स्थानीय लोगों की पहली पसंद है, बल्कि यहां आने वाले हर पर्यटक के सफर का एक अनिवार्य हिस्सा भी बन चुकी है।
दालमोठ में क्या खास है?
दालमोठ को मुख्य रूप से साबुत मसूर की दाल और पतले बेसन सेव से तैयार किया जाता है। इसमें काजू और खरबूजे के बीज भी मिलाए जाते हैं। इसके स्वाद को खास बनाते हैं अमचूर, काली मिर्च, लौंग, हींग, भुना जीरा और लाल मिर्च जैसे मसाले।
इसका कुरकुरापन और चटपटा स्वाद इसे दूसरी नमकीन से अलग बनाता है। इसे चाय के साथ स्नैक की तरह खाया जा सकता है। त्योहारों और घर की छोटी-मोटी पार्टियों में भी यह अच्छा विकल्प है।
आगरा की दालमोठ और पेठे का स्वाद
आगरा का नाम लेते ही ताजमहल और पेठे का ख्याल आता है। लेकिन स्थानीय स्वाद की बात हो तो दालमोठ भी अपनी अलग जगह रखती है। पेठे की मिठास के साथ दालमोठ का तीखा और नमकीन स्वाद एक अलग कॉम्बिनेशन बनाता है।
घर पर ऐसे बनाएं आगरा वाली दालमोठ
अगर आप बाजार की नमकीन की जगह घर पर दालमोठ बनाना चाहते हैं, तो थोड़ी तैयारी के साथ इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।
दालमोठ के लिए सामग्री
दाल के लिए
1 कप साबुत मसूर की दाल
1 चुटकी बेकिंग सोडा
सेव के लिए
1 कप बारीक बेसन
2 चम्मच तेल
जरूरत के अनुसार पानी
मेवे और बीज
आधा कप काजू
2 चम्मच खरबूजे के बीज
तलने के लिए तेल या देसी घी
मसाले के लिए
1 चम्मच अमचूर पाउडर
1 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च
आधा चम्मच तीखी लाल मिर्च
आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर
1 चम्मच भुना जीरा पाउडर
चौथाई चम्मच लौंग पाउडर
1 चम्मच काला नमक
स्वादानुसार सादा नमक
2 चुटकी हींग
दालमोठ बनाने की आसान विधि
मसूर की दाल तैयार करें
सबसे पहले साबुत मसूर की दाल को अच्छी तरह धो लें। इसे पानी में एक चुटकी बेकिंग सोडा डालकर रातभर भिगोकर रखें।
अगली सुबह दाल का पानी पूरी तरह निकाल दें। दाल को साफ सूती कपड़े पर फैलाएं। इसे करीब 1 से 2 घंटे तक पंखे की हवा में सुखाएं। तलने से पहले दाल की सतह पर पानी नहीं रहना चाहिए।
दाल को कुरकुरा तलें
एक चौड़ी कड़ाही में तेल या देसी घी गर्म करें। आंच मध्यम रखें। सूखी दाल को गहरी लोहे की छलनी में रखें और छलनी समेत गरम तेल में डालें।
दाल को कुरकुरा और सुनहरा होने तक तलें। इसके बाद इसे निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें। इससे अतिरिक्त तेल निकल जाएगा।
बारीक सेव बनाएं
बेसन में दो चम्मच तेल डालें। थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें। इसे सेव बनाने वाली मशीन में भरें।
गरम तेल में बारीक सेव निकालकर सुनहरा होने तक तलें। सेव ठंडे होने के बाद इन्हें हाथों से हल्का क्रश कर लें।
काजू और खरबूजे के बीज भूनें
उसी तेल में काजू डालकर हल्का सुनहरा होने तक तलें। इसके बाद खरबूजे के बीज डालें और कुछ सेकंड भूनकर निकाल लें।
ध्यान रखें कि बीज ज्यादा देर तक न तलें। वरना उनका स्वाद कड़वा हो सकता है।
तैयार करें दालमोठ का खास मसाला
एक कटोरी में अमचूर पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च, तीखी लाल मिर्च, काली मिर्च, भुना जीरा, लौंग पाउडर, काला नमक, सादा नमक और हींग डालें।
सभी मसालों को अच्छी तरह मिला लें। यही मिश्रण दालमोठ को चटपटा स्वाद देगा।
सभी चीजों को मिलाएं
एक बड़े बर्तन में तली हुई मसूर दाल, क्रश किए हुए सेव, काजू और खरबूजे के बीज डालें। इसके ऊपर तैयार मसाला डालें।
सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। मसाला समान रूप से मिलना जरूरी है। दालमोठ को पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर एयरटाइट डिब्बे में रखें।
दालमोठ बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
दाल को तलने से पहले अच्छी तरह सुखाना जरूरी है। उसमें नमी रहने पर गर्म तेल में छींटे पड़ सकते हैं। इसलिए दाल को कपड़े पर फैलाकर सतह की नमी अच्छी तरह हटाएं।
दाल, सेव और काजू को बहुत ज्यादा गहरा न तलें। इससे नमकीन का स्वाद प्रभावित हो सकता है। मसाला अपनी पसंद के हिसाब से कम या ज्यादा किया जा सकता है।
चाय के साथ परोसें या सफर में ले जाएं
दालमोठ को शाम की चाय के साथ स्नैक की तरह परोसा जा सकता है। इसे घर आए मेहमानों के लिए भी रखा जा सकता है। एयरटाइट कंटेनर में रखने से इसका कुरकुरापन लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलती है।
आगरा की दालमोठ अपनी कुरकुरी बनावट और चटपटे मसालों के कारण नमकीन पसंद करने वालों के लिए खास विकल्प है। अगर आपको तीखा और नमकीन स्वाद पसंद है, तो इसे घर पर जरूर ट्राई कर सकते हैं।


