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Calcium Rich Foods: बिना दूध पिए कैसे पूरी करें कैल्शियम की कमी? जानें 6 बेहतरीन देसी उपाय

6 Traditional Indian Foods Rich in Calcium Besides Milk
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Calcium Rich Foods: बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों का कमजोर होना आम समस्या बनती जा रही है। हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम जरूरी मिनरल है। आमतौर पर कैल्शियम के लिए दूध पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन हर किसी को दूध पसंद हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या भी होती है।

ऐसे में कैल्शियम के लिए सिर्फ दूध पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। रसोई में मौजूद रागी, सोया, चना, राजगीरा और हरी पत्तेदार सब्जियां भी डाइट में शामिल की जा सकती हैं।

रागी

रागी यानी फिंगर मिलेट कैल्शियम से भरपूर अनाज माना जाता है। 100 ग्राम रागी में करीब 344 मिलीग्राम कैल्शियम हो सकता है। इससे दलिया, रोटी, चीला और डोसा बनाए जा सकते हैं। इसमें फाइबर भी पाया जाता है।

सोया और सोयाबीन

सोयाबीन और इससे बने खाद्य पदार्थ जैसे टोफू भी कैल्शियम पाने का विकल्प हैं। दूध या डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं करने वालों के लिए सोया आधारित चीजें उपयोगी हो सकती हैं। टोफू को सब्जी, सलाद या स्टर-फ्राई के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि, कैल्शियम की मात्रा उत्पाद और उसकी प्रोसेसिंग के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

चना

चना भारतीय घरों में आसानी से मिलने वाला पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। इसमें कैल्शियम के साथ प्रोटीन, फाइबर और आयरन भी पाए जाते हैं। इसे भिगोकर, उबालकर या चाट बनाकर खाया जा सकता है। डाइट में चना शामिल करने से भोजन की पोषण गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

तिल

तिल कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। 100 ग्राम बिना छिले तिल में करीब 975 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। इसमें मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और हेल्दी फैट भी होते हैं। तिल से लड्डू और चटनी बनाई जा सकती है। इसे सब्जी या सलाद में भी डाला जा सकता है। हालांकि, इसकी मात्रा संतुलित रखना जरूरी है क्योंकि तिल में कैलोरी भी अधिक होती है।

राजगीरा

राजगीरा भी कैल्शियम वाला पारंपरिक अनाज है। 100 ग्राम राजगीरा में लगभग 215 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जा सकता है। यह ग्लूटेन-फ्री विकल्प है। इसमें प्रोटीन और फाइबर भी मौजूद होते हैं। इससे रोटी, खिचड़ी और लड्डू बनाए जा सकते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, सरसों का साग, बथुआ और चौलाई जैसी सब्जियों में भी कैल्शियम पाया जाता है। इनमें विटामिन K, फोलेट, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। इन्हें नियमित डाइट में शामिल करने से भोजन की पोषण गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है।

Rajnisen
लेखक / पत्रकार:

Rajnisen

शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकार रिपोर्टर

सामाजिक न्याय एवं महिला सशक्तिकरण विषयों पर लेखन

स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और जनसुविधाओं पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।

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