How to safely clean brass and copper Laddu Gopal idol before Janmashtami
Safe cleaning tips for brass and copper Laddu Gopal idols before Janmashtami

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी का पर्व घरों में विशेष उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

इस पर्व पर पूजा स्थल की सफाई खास मानी जाती है। लड्डू गोपाल का स्नान और श्रृंगार भी किया जाता है। हालांकि, पुरानी पीतल और तांबे की मूर्तियों को साफ करते समय सावधानी जरूरी है। गलत तरीके से सफाई करने पर सतह खराब हो सकती है।

नींबू से सफाई करते समय सावधानी जरूरी

नींबू धातु पर जमी गंदगी और कुछ दाग हटाने में मदद करता है। लेकिन इसे लंबे समय तक मूर्ति पर नहीं छोड़ना चाहिए। पुरानी और नक्काशीदार मूर्तियों पर इसका असर पड़ सकता है। इसलिए सफाई के बाद पानी से धोना जरूरी है।

पीतल की मूर्ति ऐसे करें साफ

पहले मुलायम कपड़े से धूल हटाएं। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी और साबुन से सफाई करें। जिद्दी मैल पर नींबू और थोड़ा बेकिंग सोडा लगाया जा सकता है। लेकिन पहले छोटे हिस्से पर इसकी जांच करें। मूर्ति को जोर से रगड़ने से बचें।

See also  एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान के '100 करोड़ पर 15 करोड़ भारी' पर शिवसेना बोली- हम भी जवाब देना जानते हैं

तांबे की मूर्तियों की सफाई

तांबे पर समय के साथ हरी या गहरी परत बन सकती है। इसे हटाने के लिए नींबू और थोड़ा नमक घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल होता है। लेकिन खुरदरे स्क्रबर से सफाई न करें। इससे मूर्ति पर खरोंच आ सकती है।

लड्डू गोपाल के श्रृंगार में भी सावधानी

यदि मूर्ति पर रंग या सजावटी काम है, तो तेज सफाई पदार्थ न लगाएं। खासकर आंखों और चेहरे की पेंटिंग को रगड़ने से बचें। सफाई के बाद मूर्ति पूरी तरह सुखाएं। इसके बाद ही नए वस्त्र और आभूषण पहनाएं।

पुरानी मूर्ति की हर परत गंदगी नहीं होती। कई बार यह पुरानी धातु की प्राकृतिक परत होती है। इसलिए ज्यादा चमक के लिए बार-बार रगड़ना सही नहीं है। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की सफाई में स्वच्छता के साथ उनकी मूल सतह बचाना भी जरूरी है।

रजनी सेन टीआरपी में लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरें लिखती हैं। उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी, खान-पान, फैशन, त्योहार, संस्कृति, ज्योतिष और बदलते लाइफस्टाइल ट्रेंड्स से जुड़े विषयों पर लिखने का अनुभव है। उनका लेखन सरल, सहज और पाठकों से जुड़ा हुआ है। रजनी सेन ने बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की पढ़ाई की है और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी लेखन क्षमता के जरिए पाठकों तक उपयोगी और रोचक जानकारी पहुंचाने का प्रयास करती हैं।