Glass jar of homemade mango pickle stored safely during monsoon season.

Monsoon Pickle Care: मानसून का मौसम अपने साथ राहत और सुहाना माहौल लेकर आता है, लेकिन इस दौरान हमारे खान-पान की कई चीज़ों पर नमी का खतरा मंडराने लगता है। खासकर घरों में चाव से खाए जाने वाले आम, नींबू और मिर्च के और थोड़ी सी लापरवाही के कारण अचार में फफूंद (फंगस) लगने का डर बढ़ जाता है।

आइए एक हेल्थ और लाइफस्टाइल रिपोर्टर के रूप में जानते हैं कि नमी के इस मौसम में अचार को कैसे सुरक्षित रखा जाए और किन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने अचार को महीनों तक ताज़ा और स्वादिष्ट बनाए रख सकते हैं।

अचार में फफूंद लगना

जब अचार में नमी चली जाती है, तो वहां फफूंद पनपने लगती है। यह मुख्य रूप से कुछ खास तरह के फंगस होते हैं जो नमी और तेल की कमी वाले स्थानों पर तेजी से बढ़ते हैं।

कांच या चीनी मिट्टी के जार का करें इस्तेमाल

अचार रखने के लिए हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे कांच या चीनी मिट्टी के जार का उपयोग करें। अचार भरने से पहले जार को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें। बारिश के मौसम में जार के अंदर बची थोड़ी-सी नमी भी अचार को जल्दी खराब कर सकती है।

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अचार निकालते समय गीले चम्मच से बचें

अचार निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। चम्मच पर मौजूद पानी की एक बूंद भी धीरे-धीरे अचार में नमी बढ़ा सकती है, जिससे फफूंद लगने का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर होगा कि अचार के लिए अलग चम्मच रखें।

अचार निकालते समय गीले चम्मच से बचें

अचार निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। चम्मच पर मौजूद पानी की एक बूंद भी धीरे-धीरे अचार में नमी बढ़ा सकती है, जिससे फफूंद लगने का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर होगा कि अचार के लिए अलग चम्मच रखें।

सही जगह पर रखें अचार का जार

अचार को गैस चूल्हे, सिंक या ऐसी जगह न रखें जहां भाप और नमी अधिक रहती हो। इसे ठंडी, सूखी और साफ जगह पर रखें। हर बार इस्तेमाल के बाद ढक्कन अच्छी तरह बंद करें।

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह


स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दिनों में फफूंद लगा हुआ अचार या कोई भी खाद्य पदार्थ खाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। खराब अचार खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे फूड पॉइजनिंग, अपच, पेट दर्द या उल्टी-दस्त की शिकायत हो सकती है। इसलिए यदि अचार में हल्की सी भी फफूंद दिखाई दे, तो रिस्क लेने के बजाय पूरे अचार को सुरक्षित रूप से हटा देना ही बेहतर होता है। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों की भी यही सलाह है कि मानसून में नमी वाले खाद्य पदार्थों के भंडारण (Storage) में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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जरूरी सावधानियां

ढक्कन कसकर बंद करें: हर बार अचार निकालने के बाद जार का ढक्कन अच्छी तरह और कसकर बंद करें, ताकि बाहर की नम हवा अंदर न जा सके।

प्लास्टिक के जार से बचें: हो सके तो अचार रखने के लिए प्लास्टिक के डिब्बों के बजाय कांच या चीनी मिट्टी के मर्तबान का ही इस्तेमाल करें।

गंदे हाथों का प्रयोग न करें: कभी भी हाथों से सीधे अचार को न छुएं।

संक्रमण से बचाव: यदि घर में बुजुर्ग या बच्चे हैं, तो उन्हें फफूंद लगा हुआ अचार बिल्कुल न परोसें, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर हो सकती है।

रजनी सेन टीआरपी में लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरें लिखती हैं। उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी, खान-पान, फैशन, त्योहार, संस्कृति, ज्योतिष और बदलते लाइफस्टाइल ट्रेंड्स से जुड़े विषयों पर लिखने का अनुभव है। उनका लेखन सरल, सहज और पाठकों से जुड़ा हुआ है। रजनी सेन ने बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की पढ़ाई की है और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी लेखन क्षमता के जरिए पाठकों तक उपयोगी और रोचक जानकारी पहुंचाने का प्रयास करती हैं।