सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना शुभ या अशुभ जानने के लिए पूजा में लीन भक्त और शिवलिंग का दृश्य
सावन माह में भगवान शिव की आराधना के दौरान सात्विक नियमों और परंपराओं का पालन करते श्रद्धालु।

Sawan 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार 30 जुलाई से पवित्र सावन माह का शुभारंभ हो रहा है, जो 28 अगस्त तक चलेगा। भगवान शिव की उपासना के इस पावन महीने में श्रद्धालुओं के लिए दैनिक दिनचर्या से जुड़े विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य माना गया है। सावन के दौरान दाढ़ी और बाल कटवाना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूरी तरह वर्जित और अशुभ माना जाता है। खासतौर पर सावन सोमवार का व्रत रखने वाले साधकों और कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए इन नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि पूजा-पाठ का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।

शास्त्रों में सावन महीने को भक्ति, साधना और वैराग्य का समय माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह अवधि आत्म-नियंत्रण और ईश्वर में लीन होने की होती है। सावन में दाढ़ी और बाल कटवाने की मनाही के पीछे मुख्य भाव यह है कि साधक भौतिक सुंदरता और शारीरिक साज-सज्जा से दूर रहकर अपना ध्यान पूरी तरह शिव भक्ति में लगाए। शास्त्रों में कहा गया है कि व्रत या साधना के दौरान शरीर के केश कटवाने से व्रत खंडित होने का भय रहता है, जिससे साधक को पूजा का मनोवांछित पुण्य फल प्राप्त नहीं होता।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण और शुक्र ग्रह से संबंध
ज्योतिष शास्त्र में शरीर के बालों का सीधा संबंध सुख, सौन्दर्य, वैवाहिक जीवन और भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक ग्रह ‘शुक्र’ से जोड़ा गया है। ज्योतिषियों के अनुसार, सावन जैसे पवित्र माह में बाल या दाढ़ी कटवाने से व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति कमजोर हो सकती है। शुक्र के कमजोर होने से घर में दरिद्रता, आर्थिक तंगी और दांपत्य जीवन में तनाव या कलह जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। यही वजह है कि आचार्य और ज्योतिषी इस पूरे महीने में क्षौर कर्म (बाल-दाढ़ी कटवाना) न करने की सलाह देते हैं।

व्रत, कांवड़ यात्रा और नियम पालन
सावन के दौरान देश भर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। कांवड़ संघों और सनातन धर्म के आचार्यों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की जाती हैं। शास्त्रों के अनुसार, जो श्रद्धालु पूरे सावन मास में सात्विक नियमों का पालन करते हैं, भूमि पर शयन करते हैं और बाल-नाखून नहीं काटते, उनकी साधना शीघ्र फलदायी होती है। सनातन परंपरा में सावन के अलावा नवरात्रि और श्राद्ध पक्ष में भी केश न कटवाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना शुभ होता है या अशुभ?
उत्तर: धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में दाढ़ी और बाल कटवाना पूरी तरह से वर्जित और अशुभ माना जाता है।

Q. सावन 2026 की शुरुआत और समापन कब हो रहा है?
उत्तर: वैदिक पंचांग के अनुसार सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो रही है और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा।

Q. सावन में बाल कटवाने से किस ग्रह पर बुरा असर पड़ता है?
उत्तर: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सावन में बाल कटवाने से कुंडली में सौंदर्य और सुख-समृद्धि के कारक ‘शुक्र ग्रह’ कमजोर होते हैं।

Q. क्या सावन सोमवार का व्रत रखने वालों के लिए बाल न कटवाना अनिवार्य है?
उत्तर: जी हां, जो लोग सावन सोमवार का व्रत रखते हैं या कांवड़ यात्रा पर जाते हैं, उनके लिए बाल और दाढ़ी न कटवाना अनिवार्य नियम माना गया है।

Q. अगर सावन में मजबूरी में बाल कटवाने पड़ें तो क्या करें?
उत्तर: यदि अति आवश्यक हो तो सावन के सोमवार को छोड़कर किसी सामान्य दिन बाल कटवा सकते हैं, परंतु व्रतधारियों को इससे पूरी तरह बचना चाहिए।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।