Teacher's Day 2026 Dr Sarvepalli Radhakrishnan inspirational thoughts education

Teachers Day 2026: आज 5 सितंबर है और देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। स्कूलों में बच्चे शिक्षकों की भूमिका निभा रहे हैं। कहीं वे क्लास संभाल रहे हैं, तो कहीं स्पीच, गेम्स, क्विज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए अपने शिक्षकों को खास महसूस करा रहे हैं। लेकिन शिक्षक दिवस सिर्फ सेलिब्रेशन तक सीमित नहीं है। यह उस रिश्ते और शिक्षा की अहमियत को समझने का दिन भी है, जो बच्चों के भविष्य को दिशा देती है।

इसी दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भी याद किया जाता है, जिनके शिक्षा और जीवन से जुड़े विचार आज भी प्रासंगिक हैं।

कौन थे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन?

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के महान दार्शनिक, शिक्षाविद और भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। शिक्षक के तौर पर उनके योगदान को सम्मान देने के लिए भारत में इसी दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

उनकी सोच में शिक्षा केवल किताबों का ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं थी। वे शिक्षा को व्यक्ति की सोच, विवेक और चरित्र को मजबूत करने वाली प्रक्रिया मानते थे।

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शिक्षा को लेकर राधाकृष्णन के 5 प्रेरणादायक विचार

  1. शिक्षा का मकसद क्या है?

“शिक्षा का अंतिम लक्ष्य एक स्वतंत्र और रचनात्मक इंसान बनाना होना चाहिए।”

राधाकृष्णन की सोच में शिक्षा व्यक्ति को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की ताकत देनी चाहिए। इसके साथ ही व्यक्ति अपनी सोच के साथ आगे बढ़ सके, यह भी शिक्षा का अहम उद्देश्य है।

  1. सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए

“जब हमें लगता है कि हम जान चुके हैं, तभी सीखना बंद हो जाता है।”

यह विचार बताता है कि ज्ञान की कोई आखिरी सीमा नहीं होती। इंसान को हर उम्र में नई चीजें सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए।

  1. शिक्षा से बनता है बेहतर समाज

“शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो समाज के निर्माण की जरूरतों को ध्यान में रखे।”

राधाकृष्णन के मुताबिक शिक्षा सिर्फ व्यक्ति के विकास तक सीमित नहीं है। इसका असर पूरे समाज और देश पर भी पड़ता है।

  1. युवा मन को मजबूत बनाना जरूरी
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“देश का निर्माण सिर्फ ईंटों से नहीं, युवाओं के मन को मजबूत करके होता है।”

यह विचार शिक्षक की जिम्मेदारी को समझाता है। बच्चों की सोच और चरित्र को सही दिशा देना देश के भविष्य के लिए जरूरी है।

  1. शिक्षा में ज्ञान के साथ सोच भी जरूरी

“शिक्षा सिर्फ जानकारी और कौशल हासिल करना नहीं है।”

राधाकृष्णन शिक्षा को ऐसी प्रक्रिया मानते थे, जो इंसान में तर्क, विवेक और जिम्मेदार नागरिक बनने की क्षमता विकसित करे।

आज भी क्यों खास हैं राधाकृष्णन के विचार?

आज पढ़ाई का तरीका बदल चुका है। इंटरनेट के जरिए जानकारी हासिल करना पहले से आसान है। इसके बावजूद सही और गलत में फर्क करना, सवाल पूछना, नई चीजें सीखना और जिम्मेदारी से आगे बढ़ना जरूरी है।

यही वजह है कि शिक्षक दिवस के मौके पर डॉ. राधाकृष्णन के विचार आज भी शिक्षा और जिंदगी को देखने का नजरिया समझने में अहम नजर आते हैं।

रजनी सेन टीआरपी में लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरें लिखती हैं। उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी, खान-पान, फैशन, त्योहार, संस्कृति, ज्योतिष और बदलते लाइफस्टाइल ट्रेंड्स से जुड़े विषयों पर लिखने का अनुभव है। उनका लेखन सरल, सहज और पाठकों से जुड़ा हुआ है। रजनी सेन ने बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की पढ़ाई की है और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी लेखन क्षमता के जरिए पाठकों तक उपयोगी और रोचक जानकारी पहुंचाने का प्रयास करती हैं।