Fresh green vegetables growing in kitchen garden pots during the month of September.
Fresh green vegetables growing in kitchen garden pots during the month of September.

Vegetables to Grow in September: सितंबर का महीना आते ही गर्मियों की सब्जियां खत्म होने लगती हैं और गार्डन में जगह खाली हो जाती है। ऐसे समय में गार्डनिंग करने वाले लोग ठंड आने से पहले ही अपने किचन गार्डन या गमलों में सर्दियों की ताजी सब्जियां उगाने की शुरुआत कर सकते हैं।

इस महीने मौसम में गर्मी कम होने लगती है, जिससे कम तापमान पसंद करने वाले पौधे आसानी से पनपते हैं। यदि सितंबर में सही सब्जियों के बीज या पौधे लगाए जाएं, तो आने वाले हफ्तों और सर्दियों में बाजार के बजाय घर से ही ताजी सब्जियां तोड़ी जा सकती हैं।

जल्दी तैयार होने वाली हरी सब्जियां

सितंबर में पालक उगाना बेहद फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसकी पत्तियां करीब एक महीने में तोड़ने लायक हो जाती हैं। पूरे पौधे को एक साथ उखाड़ने के बजाय केवल जरूरत के मुताबिक पत्तियां काटने से यह लंबे समय तक नई पत्तियां देता रहता है और इसे छोटे गमलों में भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसी तरह, सलाद के शौकीन लोग इस महीने लेट्यूस लगा सकते हैं। लेट्यूस की ठंड सहने वाली किस्मों के बीजों को एक साथ बोने के बजाय थोड़े-थोड़े अंतराल पर बोना चाहिए, ताकि अलग-अलग समय पर ताजी पत्तियां मिलती रहें।

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कम जगह और ठंडे मौसम की फसलें

जल्दी फसल पाने के लिए मूली एक बढ़िया विकल्प है, जिसके बीज सितंबर में बोने पर कुछ ही हफ्तों में फसल मिल जाती है। इसे ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती और गर्मियों की सब्जियां हटने के बाद बची छोटी खाली जगहों में मिट्टी नम रखकर इसे उगाया जा सकता है। वहीं केल ठंडे मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है और तापमान कम होने पर इसकी पत्तियों का स्वाद और बेहतर हो जाता है। इसके अलावा, सितंबर में जल्दी तैयार होने वाली मटर की किस्म लगाने से कड़ाके की ठंड पड़ने से पहले ही ताजी मटर मिल सकती है।

सर्दियों के लिए जड़ों को मजबूत बनाने वाले पौधे

सितंबर का महीना लहसुन लगाने के लिए भी बहुत उपयुक्त है, क्योंकि ठंड शुरू होने से पहले इसकी जड़ों को विकसित होने का समय मिल जाता है। सर्दियों में इसकी ग्रोथ धीमी रहती है और मौसम अनुकूल होते ही यह तेजी से बढ़ता है, हालांकि इसके लिए सब्र रखना पड़ता है और इसे अच्छी धूप तथा बिना जलभराव वाली मिट्टी की जरूरत होती है। इसी तरह, फावा बीन्स यानी बाकला के पौधे सितंबर में लगाने पर सर्दी से पहले अपनी जड़ें मजबूत कर लेते हैं और मौसम गर्म होने पर तेजी से बढ़ते हैं। इसे बहुत गीली मिट्टी या तेज ठंडी हवाओं से बचाकर उगाया जा सकता है।

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5 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: क्या सितंबर में घर पर पालक उगाना आसान है?

उत्तर: हां, सितंबर में पालक आसानी से उगाया जा सकता है और इसकी पत्तियां लगभग एक महीने में इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाती हैं।

प्रश्न 2: सितंबर में लहसुन उगाने का क्या फायदा होता है?

उत्तर: इस समय लहसुन लगाने से ठंड शुरू होने से पहले उसकी जड़ों को अच्छी तरह मजबूत होने का समय मिल जाता है।

प्रश्न 3: कौन सी सब्जी कम जगह में और जल्दी तैयार हो जाती है?

उत्तर: मूली को बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है और इसके बीज बोने के कुछ ही हफ्तों बाद फसल तैयार हो जाती है।

प्रश्न 4: लेट्यूस के बीजों को थोड़े-थोड़े अंतराल पर क्यों बोना चाहिए?

उत्तर: बीजों को अलग-अलग समय पर बोने से एक साथ पूरी फसल तैयार होने के बजाय अलग-अलग समय पर ताजी पत्तियां मिलती रहती हैं।

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प्रश्न 5: बाकला (फावा बीन्स) उगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: इसे ऐसी मिट्टी में उगाना चाहिए जहां पानी न जमा हो और इसे बहुत गीली मिट्टी तथा तेज ठंडी हवाओं से बचाना चाहिए।