Wood Door Care: बारिश का मौसम आते ही घरों में नमी बढ़ने लगती है। इसका सीधा असर दीवारों, फर्नीचर और खासकर लकड़ी के दरवाजों पर दिखाई देने लगता है। इस दौरान कई घरों में दरवाजा बंद करने या खोलने में परेशानी होने लगती है। दरवाजा फ्रेम में अटकने लगता है और कई बार इतना फूल जाता है कि उसे खोलने के लिए जोर लगाना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लकड़ी एक प्राकृतिक पदार्थ है। इसमें मौजूद छोटे-छोटे छिद्र वातावरण की नमी को सोखते हैं। बारिश के दिनों में हवा में नमी अधिक होने पर लकड़ी के अंदर पानी की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे वह फैल जाती है। यदि दरवाजे की लकड़ी पर सही तरीके से पेंट, पॉलिश या सीलेंट की सुरक्षा नहीं है, तो यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है।
क्यों फूल जाते हैं बारिश में लकड़ी के दरवाजे?
लकड़ी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह वातावरण के हिसाब से नमी को सोखती और छोड़ती रहती है। बारिश में हवा में मौजूद नमी लकड़ी के अंदर पहुंच जाती है। इससे उसके रेशों में फैलाव होता है और दरवाजे का आकार थोड़ा बढ़ सकता है। यदि दरवाजा और उसका फ्रेम बहुत कम अंतर के साथ फिट किया गया हो, तो हल्का-सा फैलाव भी बड़ी परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसे में दरवाजा फ्रेम से रगड़ खाने लगता है और उसे खोलने-बंद करने में कठिनाई होती है।
दरवाजे में पानी पड़ने से बढ़ सकती है परेशानी
अगर दरवाजे के निचले हिस्से पर बारिश का पानी पड़ता है या घर में पोछा लगाते समय वहां पानी जमा रहता है, तो लकड़ी ज्यादा नमी सोख सकती है। खासकर दरवाजे का निचला किनारा और कोने सबसे जल्दी प्रभावित होते हैं।
पेंट और वार्निश से रोकें नमी का असर
लकड़ी के दरवाजे को नमी से बचाने में अच्छी क्वालिटी का पेंट, वार्निश, पॉलिश या वुड सीलेंट बेहद मददगार साबित हो सकता है। यह लकड़ी की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे नमी का सीधे अंदर जाना काफी हद तक कम हो जाता है। समय के साथ यदि पेंट या पॉलिश उखड़ने लगे, दरारें दिखाई दें या सतह पर लकड़ी खुली नजर आने लगे, तो उसकी दोबारा फिनिशिंग कराना बेहतर होता है।
दरवाजे के निचले हिस्से की करें जांच
बारिश के मौसम में सबसे पहले दरवाजे के निचले हिस्से को देखना चाहिए। यदि यहां सूजन, रंग बदलना, दरार या लकड़ी नरम होने जैसी कोई भी समस्या दिखाई दे, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। हल्की समस्या होने पर प्रभावित हिस्से को अच्छी तरह सुखाकर उसकी सतह की फिनिशिंग कराई जा सकती है। यदि लकड़ी काफी ज्यादा फूल चुकी है, तो किसी पेशेवर बढ़ई से इसकी जांच करवाना ही बेहतर विकल्प है।
घर में वेंटिलेशन रखना है जरूरी
सिर्फ दरवाजे को पेंट कर देना ही पर्याप्त नहीं है। घर के अंदर हवा का आवागमन भी अच्छा होना चाहिए। कमरे में बहुत ज्यादा नमी रहने पर लकड़ी के फर्नीचर और दरवाजों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। बारिश के दौरान जब मौसम में थोड़ी धूप निकले, तब कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलकर कमरे में हवा का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डिह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
अगर दरवाजा फूल जाए तो क्या करें?
यदि बारिश के कारण दरवाजा हल्का फूल गया है, तो उसे बार-बार जोर लगाकर बंद करने या खोलने की कोशिश बिल्कुल न करें। इससे दरवाजे, फ्रेम या कब्जों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। सबसे पहले यह पता करें कि दरवाजा फ्रेम के किस हिस्से से रगड़ खा रहा है। लकड़ी सूखने के बाद कई बार उसका आकार अपने आप सामान्य होने लगता है। यदि समस्या बनी रहती है, तो बढ़ई से प्रभावित हिस्से को हल्का ट्रिम करवाया जा सकता है। इसके बाद उस हिस्से पर उचित सीलेंट, पेंट या वार्निश लगाना जरूरी है ताकि लकड़ी दोबारा नमी जल्दी न सोखे।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता और घरेलू देखभाल के उद्देश्य से दी गई है। लकड़ी के दरवाजे में गंभीर सूजन, दरार या क्षति होने पर विशेषज्ञ या बढ़ई की सलाह लें।



