गुरुवार, 5 नवंबर 2026 गुरु, 5 नव॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
Madhya Pradesh

रिटायर्ड IAS की हत्या का मामला, 20 लाख की उम्मीद लेकर आया था केयरटेकर, डांट के बाद क्यों कर दी हत्या?

Retired IAS Murder Bhopal
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Retired IAS Murder Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या मामले पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है।
  • पुलिस ने उनके केयरटेकर वरुण वाल्मीकि को आगरा से गिरफ्तार किया है।
  • पुलिस के अनुसार, वरुण घर में 10 से 20 लाख रुपये मिलने की उम्मीद लेकर नौकरी करने पहुंचा था।
  • हत्या वाली रात आरोपी ने राकेश अग्रवाल को देरी से दवाई थी।

Retired IAS Murder Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या मामले पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने उनके केयरटेकर वरुण वाल्मीकि को आगरा से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, वरुण घर में 10 से 20 लाख रुपये मिलने की उम्मीद लेकर नौकरी करने पहुंचा था। हत्या वाली रात आरोपी ने राकेश अग्रवाल को देरी से दवाई थी। जिससे नाराज होकर उन्होंने वरुण को डांटा और घर से चले जाने को कहा। इस बात से नाराज होकर वरुण ने करीब दो घंटे बाद धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया।

हत्या के बाद गैस सिलेंडर की पाइप को खोला

वारदात 30 सितंबर की रात की है। हत्या के बाद आरोपी ने घर में गैस सिलेंडर का पाइप खोल दिया। इसके साथ कपड़ों पर प्रेस चालू छोड़ दी। फिर, सुबह 4 बजकर 12 मिनट केरल एक्सप्रेस में सवार होकर भोपाल से फरार हो गया। पुलिस ने चार राज्यों में आरोपी की तलाश की। पुलिस ने उसे सोमवार को आगरा से पकड़ा। मंगलवार को पुलिस से झूमाझटकी कर भागने की कोशिश के दौरान उसके पैर में गोली लगी।

नेम प्लेट देखकर घर में 20 लाख मिलने का लगाया था अंदाजा

पुलिस पूछताछ में वरुण ने बताया कि, वह राकेश अग्रवाल के घर के बाहर लगी नेम प्लेट देखकर प्रभावित हुआ था। उसे लगा कि रिटायर्ड IAS अधिकारी के घर में अच्छी रकम मिल सकती है। इसी उम्मीद में वह केयरटेकर की नौकरी करने पहुंचा था। उसने घर में 10 से 20 लाख रुपये मिलने का अनुमान लगाया था। हालांकि, उसे उम्मीद के मुताबिक नगदी और कीमती सामान नहीं मिला।

रात 12 बजे दवाई को लेकर हुआ था विवाद

पूछताछ में वरुण ने बताया कि, राकेश अग्रवाल उसे बात-बात पर गालियां देते थे। हत्या वाली रात भी दवाई देने में देरी होने पर उन्होंने उसे फटकार लगाई थी। रात करीब 12 बजे राकेश अग्रवाल ने उससे कहा था- तू यहां क्या करने आया है? तेरी यहां जरूरत नहीं, दफा हो। इसके बाद राकेश अग्रवाल की पत्नी ने उन्हें नींद की दवा देकर सुला दिया। नाराज वरुण ने दो घंटे बाद धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया।

गैस सिलेंडर का पाइप खोला, प्रेस चालू छोड़ दी

पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले वरुण ने घर में गैस सिलेंडर का पाइप खोल दिया था। उसने कपड़ों पर प्रेस रखकर उसका स्विच भी चालू कर दिया था। राकेश अग्रवाल की पत्नी की नींद खुली तो उन्होंने प्रेस बंद की और पुलिस को सूचना दी। पूछताछ में वरुण ने बताया कि उसने गुस्से में गैस सिलेंडर का पाइप खोला था।

भोपाल से भागकर कई शहरों में बदले ठिकाने

हत्या के बाद वरुण लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वह ग्वालियर से आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली पहुंचा। इसके बाद हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल और मनाली गया। इस दौरान उसने बस, ट्रेन और ट्रकों से सफर किया। पुलिस के मुताबिक, वह कबाड़ और प्लास्टिक की बोतलें बीनकर बेचता था और फुटपाथ पर सोकर गुजारा करता था। वह किसी एक जगह पर एक-दो दिन से ज्यादा नहीं रुकता था। गिरफ्तारी के समय उसके पास मोबाइल फोन या दूसरा सामान नहीं मिला। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि फरारी के दौरान किसी ने उसकी मदद तो नहीं की।

सब्जी बेचने और रिक्शा चलाने वाले बनकर की तलाश

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के लिए भोपाल पुलिस ने आगरा में चार दिन तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। पुलिसकर्मी सब्जी बेचने और रिक्शा चलाने वाले बनकर उसकी तलाश करते रहे। झुग्गी बस्तियों में पुलिस की लगातार आवाजाही से लोगों को शक होने लगा था। इसके बाद टीम ने पहचान छिपाकर निगरानी शुरू की। दिल्ली और मथुरा में भी पुलिस की टीमें तैनात थीं। आखिरकार आरोपी आगरा के मथुरा रोड पर पकड़ा गया। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे आरोपी ने झूमाझटकी कर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर किया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।

जयपुर में शिकायत पर नौकरी से हटाया गया था

पुलिस जांच में वरुण के पुराने रोजगार से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। जून 2026 में उसने जयपुर की रूही हेल्थ केयर सर्विस के जरिए एक घर में केयरटेकर की नौकरी की थी। व्यवहार को लेकर शिकायतें मिलने के बाद उसे वहां से हटा दिया गया था। 23 अगस्त 2026 को ग्वालियर की सार्थ होम नर्सिंग केयर एजेंसी में काम के दौरान उस पर एजेंसी का मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप लगा था। हालांकि, इस मामले में FIR दर्ज नहीं हुई थी।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन