Ayodhya Deepotsav: अयोध्या की पावन भूमि पर दसवें दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरे हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर पूरी रामनगरी भक्ति के वातावरण में सराबोर नजर आ रही है। साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर कोई ‘जय श्रीराम’ के जयघोष में लीन हो गया। पूरे मार्ग पर केवल प्रभु श्रीराम की भक्ति और उल्लास की तरंगें ही अनुभव की जा रही हैं।
इस वर्ष की शोभायात्रा की सबसे बड़ी विशेषता प्राचीन संस्कृति और आधुनिक प्रगति का अनूठा तालमेल रही। एक ओर जहाँ रामायणकालीन प्रसंगों को जीवंत करती झांकियों ने श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की याद दिला दी, वहीं दूसरी ओर अयोध्या के आधुनिक विकास, स्वच्छता और डिजिटल प्रगति को दर्शाते मॉडल भी इसका प्रमुख हिस्सा रहे। यह विहंगम दृश्य इस बात का प्रमाण है कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
त्रेतायुगीन वैभव से सजी भव्य शोभायात्रा
साकेत महाविद्यालय से आरंभ हुई शोभायात्रा में रामायण के विभिन्न कांडों और प्रसंगों पर आधारित करीब सात प्रमुख झांकियां निकाली गईं। किष्किंधा कांड से लेकर राम दरबार और पुष्पक विमान तक की भव्य झांकियों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। रामायणकालीन वेशभूषा में सजे कलाकारों ने अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि दर्शक भावविभोर हो उठे।
विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने बिखेरी भारतीय संस्कृति की छटा
शोभायात्रा केवल एक धार्मिक जुलूस तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक धरोहर को भी खूबसूरती से प्रदर्शित किया। देश के विभिन्न राज्यों से आए सांस्कृतिक दलों ने अपने-अपने पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के उत्साह और अद्भुत नृत्य कौशल ने दीपोत्सव के आनंद को कई गुना बढ़ा दिया।
सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, यादगार लम्हों को कैमरों में किया कैद
प्रभु श्रीराम के स्वागत में पूरी अयोध्या नगरी सड़कों पर उतर आई थी। शोभायात्रा के मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ जमी रही। लोग लगातार कलाकारों का उत्साहवर्धन कर रहे थे और जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे। श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल फोनों में इन अविस्मरणीय और ऐतिहासिक क्षणों को तस्वीरों व वीडियो के रूप में सहेज लिया।
सरयू के 56 घाटों पर प्रज्वलित होंगे 30 लाख से अधिक दीप
रामनगरी अयोध्या आज सरयू नदी के 56 तटों पर एक नया इतिहास रचने जा रही है। राम की पैड़ी सहित तमाम घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये कलात्मक रूप से सजाए गए हैं। शाम ढलते ही जब ये दीये एक साथ प्रज्वलित होंगे, तो पूरी अवधपुरी अलौकिक प्रकाश से जगमगा उठेगी। यह विहंगम दृश्य एक बार फिर नया विश्व कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है।
35 हजार स्वयंसेवकों की अथक मेहनत लाई रंग
दीपोत्सव के इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लगातार तीन दिनों की कठिन मेहनत और लगन के बाद शुक्रवार को दीप सज्जा का कार्य पूरा किया गया। नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र के मार्गदर्शन में शनिवार सुबह से ही दीयों में तेल और बाती डालने का कार्य व्यवस्थित रूप से पूरा किया गया।
पहली बार देश के उपराष्ट्रपति बनेंगे ऐतिहासिक क्षण के साक्षी
इस वर्ष का दीपोत्सव बेहद खास और ऐतिहासिक है, क्योंकि देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे हैं। यह पहली बार है जब भारत के उपराष्ट्रपति रामनगरी अयोध्या के इस भव्य दीपोत्सव महापर्व में व्यक्तिगत रूप से सम्मिलित होकर इसके साक्षी बन रहे हैं।
पुष्पक विमान स्वरूप हेलीकॉप्टर से होगा प्रभु श्रीराम का आगमन
अयोध्या में त्रेतायुग के उस पावन क्षण को पुनर्जीवित किया जाएगा जब 14 वर्ष का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम अयोध्या लौटे थे। ‘पुनि पुष्पक चढ़ि कपिन्ह समेता, अवध चले प्रभु कृपा निकेता…’ की चौपाई दोपहर में उस समय साकार होगी जब प्रतीक स्वरूप हेलीकॉप्टर (पुष्पक विमान) से प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी अयोध्या की धरती पर कदम रखेंगे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री करेंगे भगवान राम का भव्य स्वागत
प्रभु श्रीराम के आगमन पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रमुख मंत्रियों और पूज्य संतों की उपस्थिति में उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके उपरांत भरत मिलाप का अत्यंत भावुक प्रसंग संपन्न होगा। हेलीकॉप्टर से आकाश से पुष्पवर्षा की जाएगी, जिसके बीच प्रभु श्रीराम का रथ रामकथा पार्क की ओर प्रस्थान करेगा।
उपराष्ट्रपति और सीएम योगी करेंगे प्रभु श्रीराम का राजतिलक
रामकथा पार्क में सजे भव्य राम दरबार में त्रेतायुग की राज्याभिषेक परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। महर्षि वशिष्ठ द्वारा किए गए प्रथम राजतिलक के प्रसंग के अनुरूप, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी का तिलक कर symbolic राज्याभिषेक करेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
राम जन्मभूमि परिसर में भी जगमगाएंगे 1 लाख दीप
दीपोत्सव का उल्लास केवल सरयू तट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भव्य राम जन्मभूमि परिसर भी दीपों की रोशनी से नहाने के लिए पूरी तरह तैयार है। राम मंदिर समेत परिसर के सभी 18 मंदिरों में कुल मिलाकर एक लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए परिसर को पांच सेक्टरों में विभाजित कर 1500 मंदिर कर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
विशेष लाइट और 2100 ड्रोन का दिखेगा अद्भुत शो
राम मंदिर को इस अवसर पर भव्य और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है। सरयू तट पर शाम को ग्रीन आतिशबाजी के साथ-साथ 2100 ड्रोन का एक विशेष शो आयोजित किया जाएगा, जो आसमान में रामायण के दृश्यों को उकेरेगा। इसके अलावा, धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभ लगाए गए हैं जो डिजिटल प्रकाश और रामायण प्रसंगों को प्रदर्शित कर रहे हैं।
2147 श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक महाआरती और रामलीला मंचन
संध्या समय सरयू तट पर 2147 श्रद्धालुओं और आचार्यों द्वारा एक साथ भव्य महाआरती की जाएगी। इसके साथ ही लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन भी पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस उत्सव को खास बनाने के लिए रामकथा पार्क में तीन देशों के कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन भी किया जा रहा है।
देशी-विदेशी पर्यटकों में दीपोत्सव को लेकर भारी उत्साह
अयोध्या का यह अलौकिक रूप देखने के लिए न केवल देश के कोने-कोने से बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। अर्जेंटीना से आईं पर्यटक कैरोलिना ने अयोध्या के इस विहंगम दृश्य की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में पहली बार ऐसा अद्भुत और भक्तिमय माहौल देखा है। यह आयोजन हर श्रद्धालु के हृदय में गर्व और आनंद की अनुभूति करा रहा है।



