भोपाल में कल से शुरू होगा ई-बसों का पैसेंजर ट्रायल
भोपाल में कल से शुरू होगा ई-बसों का पैसेंजर ट्रायल

PM E Bus Sewa Bhopal: राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा (PM-eBus Sewa) के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ ई-बसों का पैसेंजर ट्रायल शुरू होने जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि ट्रायल अवधि के दौरान यात्रियों से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। यह मुफ्त सेवा प्रस्तावित आधिकारिक लॉन्च 15 अगस्त तक जारी रहेगी।

गौरतलब है कि पैसेंजर सेवा शुरू करने से पहले पिछले पांच दिनों तक इन बसों का बिना यात्रियों के ड्राई रन (संचालन परीक्षण) किया गया था। इस दौरान ट्रैफिक, टाइमिंग और अलग-अलग रूट्स की व्यवस्थाओं को परखा गया। ट्रायल पूरी तरह सफल रहने के बाद अब आम नागरिकों के लिए बसें चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

दो प्रमुख रूट्स पर चलेंगी 10 ई-बसें

शुरुआती चरण में 10 ई-बसों को दो चुनिंदा रूट्स पर उतारा जाएगा, जिसमें बोर्ड ऑफिस स्क्वायर को प्रमुख हब बनाया गया है:

पहला रूट: बैरागढ़ डिपो से शुरू होकर लालघाटी, पीरगेट, मोती मस्जिद, कमला पार्क और न्यू मार्केट होते हुए कोलार तक जाएगा।

दूसरा रूट: डिपो स्क्वायर से शुरू होकर बोर्ड ऑफिस, चेतक ब्रिज, सुभाष नगर, प्रभात चौराहा और अशोका गार्डन होते हुए कोच फैक्ट्री तक जाएगा।

2026 के अंत तक 100 बसों का लक्ष्य
भोपाल में ई-बस सेवा केंद्र सरकार की योजना के तहत संचालित की जा रही है। साल 2026 के अंत तक शहर के 10 अलग-अलग रूट्स पर कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 21 बसें भोपाल पहुंच चुकी हैं, जिन्हें खड़ा करने और चार्जिंग के लिए संत हिरदाराम नगर में विशेष डिपो तैयार किया गया है।

AI, CCTV और सुरक्षा के आधुनिक फीचर्स

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए ई-बसों को हाइटेक फीचर्स से लैस किया गया है:

सुरक्षा और निगरानी: हर बस में 5 CCTV कैमरे, पैनिक/इमरजेंसी बटन, स्टॉप बटन और हर खिड़की के पास आपातकालीन हैमर लगाए गए हैं।

AI तकनीक: दोनों दरवाजों पर पैसेंजर काउंटिंग के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सिस्टम मौजूद है।

डिजिटल टिकटिंग: मोबाइल ऐप के माध्यम से पास बनाने और डिजिटल टिकटिंग की सुविधा रहेगी।

दिव्यांगजनों के लिए सुविधा: व्हीलचेयर से सफर करने वाले दिव्यांग यात्रियों के लिए ऑटोमैटिक हाइड्रोलिक व्हीलचेयर लिफ्ट लगाई गई है।

15 अगस्त को आधिकारिक लॉन्च के बाद यह सेवा भोपाल की सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन का कायाकल्प करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

FAQ

प्रश्न 1: भोपाल में ई-बसों का पैसेंजर ट्रायल कब से शुरू हो रहा है और यह कब तक मुफ्त रहेगा?

उत्तर: भोपाल में ई-बसों का पैसेंजर ट्रायल सोमवार से शुरू हो रहा है और 15 अगस्त तक यात्रियों को इसमें मुफ्त सफर करने की सुविधा मिलेगी।

प्रश्न 2: शुरुआती चरण में कितनी ई-बसें और किन रूट्स पर चलाई जा रही हैं?

उत्तर: शुरुआती चरण में 10 ई-बसों को दो रूट्स पर चलाया जा रहा है—पहला रूट ‘बैरागढ़ डिपो से कोलार’ और दूसरा रूट ‘डिपो स्क्वायर से कोच फैक्ट्री’ तक होगा।

प्रश्न 3: PM-eBus Sewa योजना के तहत भोपाल में कुल कितनी बसें चलाने का लक्ष्य है?

उत्तर: इस योजना के तहत साल 2026 के अंत तक भोपाल के 10 अलग-अलग रूट्स पर कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रश्न 4: ई-बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं?

उत्तर: बसों में 5 CCTV कैमरे, एआई (AI) आधारित पैसेंजर काउंटिंग सिस्टम, पैनिक बटन, स्टॉप बटन, इमरजेंसी हैमर, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और LED डिस्प्ले दिए गए हैं।

प्रश्न 5: दिव्यांग यात्रियों की सहूलियत के लिए ई-बस में क्या खास इंतजाम किया गया है?

उत्तर: दिव्यांग यात्रियों को चढ़ने और उतरने में आसानी हो, इसके लिए बस में ऑटोमैटिक हाइड्रोलिक व्हीलचेयर लिफ्ट लगाई गई है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।