टीआरपी डेस्क। मध्यप्रदेश के जबलपुर में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने तीन प्रमुख स्कूलों द्वारा 47904 छात्रों से अवैध रूप से वसूली गई ₹33.78 करोड़ की फीस वापस करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, इन स्कूलों पर ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।

किन स्कूलों ने की कितनी वसूली?

  • सिनियर सेकेंडरी स्कूल, विजयनगर
    छात्र: 10865
    अवैध वसूली: ₹5.85 करोड़
  • स्मॉल वंडर सीनियर सेकेंडरी स्कूल
    छात्र: 18541
    अवैध वसूली: ₹12 करोड़
  • सेंट जोसेफ कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल
    छात्र: 18498
    अवैध वसूली: ₹15.91 करोड़

जिला प्रशासन की जांच के बाद इन स्कूलों को अवैध रूप से ली गई फीस अभिभावकों को लौटाने का निर्देश दिया गया है।

इन स्कूलों ने 2017 में लागू मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस अधिनियम के तहत आवश्यक ऑडिट और पोर्टल पर डेटा प्रस्तुत नहीं किया था। जांच में पाया गया कि स्कूलों ने शैक्षणिक सत्र 2017-18 से 2020-21 के बीच फीस वृद्धि की जानकारी छुपाई और 10% से अधिक वृद्धि की सूचना भी पोर्टल पर अपलोड नहीं की।
मई 2024 की कार्रवाई का संदर्भ

इससे पहले मई 2024 में, कलेक्टर ने जबलपुर के 53 स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे। उस समय ₹81.30 करोड़ की फीस वापस कराई गई थी, और ₹22 लाख का जुर्माना लगाया गया था। साथ ही, स्कूल प्रबंधन के 51 सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिनमें से 20 लोग गिरफ्तार हुए थे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।