Hardeep Singh Puri Rajya Sabha By-election: भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार, 28 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया।
यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता एल. मुरुगन के अक्टूबर की शुरुआत में इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। पुरी की उम्मीदवारी ऐसे समय सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश से उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है और पार्टी की ओर से उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने को लेकर चर्चाएं चल रही थीं।
एल. मुरुगन की खाली सीट पर भाजपा का फैसला
मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। इसी सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। भाजपा ने अब हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाकर इस चुनाव के लिए अपना पत्ता खोल दिया है। पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने से उनके अगले राज्यसभा कार्यकाल को लेकर चल रही चर्चाओं को नई दिशा मिली है। हालांकि, उपचुनाव में उनकी जीत और आगे की संसदीय स्थिति चुनाव प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
मोदी कैबिनेट में पेट्रोलियम मंत्रालय संभाल रहे पुरी
हरदीप सिंह पुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं। वह केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला ऐसे समय आया है, जब केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही थीं। एल. मुरुगन के राज्यसभा से इस्तीफे के बाद इन चर्चाओं को और हवा मिली थी। अब पुरी की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर जारी अटकलों पर कुछ हद तक विराम लगा है।
उत्तर प्रदेश से चुने गए थे राज्यसभा सदस्य
हरदीप सिंह पुरी इससे पहले उत्तर प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उनका मौजूदा कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इससे पहले भाजपा ने उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे, लेकिन उस सूची में पुरी का नाम शामिल नहीं था। इसके बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब भाजपा ने उन्हें मध्य प्रदेश की खाली हुई राज्यसभा सीट के उपचुनाव में उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
भाजपा ने दो बार राज्यसभा भेजा
भाजपा इससे पहले हरदीप सिंह पुरी को दो बार राज्यसभा भेज चुकी है। उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद वह केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।



