भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कोकता बायपास स्थित करीब 99 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। हाल ही में प्रशासन ने एक अवैध कोठी गिराने की कार्रवाई की थी, जिसके बाद अब अन्य संपत्तियों की जांच तेज कर दी गई है।
सीमांकन की तैयारी
पशुपालन विभाग ने जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदन दिया है। विभाग को आशंका है कि इस जमीन पर मछली परिवार समेत करीब 20 लोगों ने कब्जा किया हुआ है। प्रशासन ने सभी रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिए हैं और संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही सीमांकन के दौरान मौजूद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कॉलोनी विकास पर संदेह
मछली परिवार पर आरोप है कि उन्होंने कोर्टयार्ड प्रीमियम कॉलोनी पशुपालन विभाग की जमीन के पास विकसित की है। विभाग को शक है कि कॉलोनी विकसित करने के नाम पर विभाग की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। इसी वजह से सीमांकन के निर्देश जारी किए गए हैं।
इनको भेजा गया नोटिस
प्रशासन ने जिन लोगों को नोटिस भेजे हैं उनमें मछली परिवार के शफीक अहमद, शावर अहमद, शारिक अहमद, तारिक अहमद, सोहेल अहमद और शावेज अहमद, इसके अलावा लोधी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स (देवेंद्र लोधी), अवधि रियल एस्टेट बिल्डर्स (विजय पाटनी के पुत्र पाटनी पार्टनर), निरांक जैन, सुधीर शर्मा, ऊषा सिन्हा, शार्मिला ठाकरे, मीनू जैन, अमित जैन, अनुज साहू, अंजली जैन, चतर सिंह, धनसिंह, पवन कुमार और लाल सिंह शामिल हैं। साथ ही भोपाल नगर निगम जोन ऑफिस को भी नोटिस जारी किया गया है।
सांसद आलोक शर्मा का बयान
मामले पर भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने मछली परिवार पर हमला बोला। और कहा कि “शारिक मछली जैसे लोगों की जगह जेल में भी नहीं है। ऐसे लोग बड़े-बड़े गिफ्ट देकर बेटियों को लव जिहाद में फंसाते हैं, नशे की दवाएं पिलाकर अश्लील वीडियो बनाते हैं और फिर ब्लैकमेल करते हैं। अगर इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो तुरंत हमें जानकारी दी जाए।”


