Sagar poisonous liquor tragedy: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम घूघरा, जालमपुर, नौराज और बराज सहित आसपास के गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हड़कंप मच गया है। जहरीली शराब के सेवन से दर्जनों ग्रामीणों की हालत अचानक बिगड़ गई, जिनमें से अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन द्वारा की जा चुकी है, जबकि कई मरीज अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ा कनेक्शन, 12 संदिग्ध हिरासत में
प्रारंभिक जांच में जहरीली शराब के तार उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि नकली शराब पर फर्जी रैपर, सील-ढक्कन और क्यूआर (QR) कोड लगाकर उसे सागर के सीमावर्ती गांवों में खपाया जाता था। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुए अब तक 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है और स्थानीय सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में जुटी हैं।
हाईवे पर चक्काजाम और कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सागर-छतरपुर मुख्य हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी संरक्षण का नतीजा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मौतों का आंकड़ा इससे कहीं अधिक है और सरकार आंकड़ों को छिपाने का प्रयास कर रही है।
छह शराब दुकानें सील, उच्चाधिकारियों की टीम मौके पर तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सागर के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी खुद प्रभावित गांवों में पहुंचे। एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह अधिकृत शराब दुकानों को सील कर दिया गया है और शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सरकार के निर्देश पर आबकारी आयुक्त भी मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
गंभीर मरीजों को सागर जिला अस्पताल किया गया रेफर
शराब पीने के बाद बीमार हुए लोगों को पहले सिविल अस्पताल बंडा में भर्ती कराया गया था। जिन मरीजों की हालत अधिक चिंताजनक बनी हुई है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए सागर जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जिन लोगों ने शराब का सेवन किया है और उन्हें उल्टी, सिरदर्द या धुंधला दिखने जैसे लक्षण हैं, वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपनी जांच कराएं।
सख्त कार्रवाई का आश्वासन, उप मुख्यमंत्री ने जताया दुख
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दुखद हादसे के पीछे जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का आश्वासन दिया गया है।
FAQ
प्रश्न 1: सागर जहरीली शराब कांड में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
उत्तर: जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य मरीजों का इलाज जारी है।
प्रश्न 2: इस जहरीली शराब का मुख्य कनेक्शन कहां से सामने आया है?
उत्तर: पुलिस जांच के अनुसार, इसका कनेक्शन उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सामने आया है, जहां से फर्जी रैपर और सील लगाकर शराब सप्लाई की जाती थी।
प्रश्न 3: जहरीली शराब कांड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्या निर्देश दिए हैं?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
प्रश्न 4: प्रशासन ने घटना के बाद शुरुआती तौर पर क्या निवारक कदम उठाए हैं?
उत्तर: प्रशासन ने क्षेत्र की 6 शराब दुकानों को सील कर दिया है, 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है और शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
प्रश्न 5: बीमार पड़े ग्रामीणों का इलाज कहां चल रहा है?
उत्तर: मरीजों का शुरुआती इलाज सिविल अस्पताल बंडा में किया गया, और जिनकी हालत गंभीर है उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है।


