Neha Pachisia: मध्य प्रदेश की पुलिस अधिकारी नेहा पचिसिया इन दिनों एक गंभीर मामले को लेकर चर्चा में हैं। कभी एयर इंडिया में एयर होस्टेस रहीं नेहा पचिसिया पर हत्या के आरोपी के परिवार से पैसे मांगने और करीब 80 लाख रुपये की जमीन को कथित तौर पर सिर्फ 18 लाख रुपये में खरीदवाने के आरोप लगे हैं। मामले में FIR दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
नेहा पचिसिया राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं। उन्होंने 2012 में MPPSC परीक्षा दी थी और 2016 में राज्य में 20वीं रैंक हासिल कर DSP के तौर पर पुलिस सेवा जॉइन की। गुना, भोपाल और खंडवा में सेवाएं देने के बाद मई 2025 में उन्हें कटनी CSP बनाया गया था। अब जमीन विवाद और जबरन वसूली के आरोपों ने उनके पुलिस करियर को सवालों के घेरे में ला दिया है।
कौन हैं नेहा पचिसिया?
नेहा पचिसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं। पुलिस सेवा में आने से पहले वह एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम करती थीं। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद नेहा ने एविएशन की पढ़ाई की और एयरलाइन सेक्टर में करियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने सरकारी नौकरी में जाने का फैसला किया। नेहा ने 2012 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC की परीक्षा दी थी। इसका फाइनल रिजल्ट 2016 में आया। उन्होंने राज्य में 20वीं रैंक हासिल की और DSP के तौर पर पुलिस सेवा जॉइन की।
गुना से शुरू हुई पुलिस सेवा
नेहा पचिसिया की पहली पोस्टिंग गुना में CSP के तौर पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में काम किया। वह खंडवा में भी तैनात रहीं। मई 2025 में उनका तबादला कटनी किया गया। यहां उन्हें शहर का CSP नियुक्त किया गया। गुना में सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के तौर पर कार्यकाल के दौरान उन्हें तीन पुलिस थानों में महिलाओं के लिए मोबाइल पुलिस स्टेशन शुरू कराने का श्रेय भी दिया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके घर के पास कुछ विवादों के समाधान की सुविधा देना था।
क्या हैं नेहा पचिसिया पर आरोप?
पूरा मामला जमीन के एक विवादित सौदे से जुड़ा है। आरोपों के मुताबिक करीब 80 लाख रुपये कीमत वाली जमीन को एक एजेंट के जरिए सिर्फ 18 लाख रुपये में खरीदा गया। बताया गया है कि यह जमीन हत्या के एक मामले में आरोपी व्यक्ति से जुड़ी थी। आईजी जबलपुर की जांच के मुताबिक, सीएसपी ने पीड़ित रमेश लोधी को पहले रंगनाथ नगर थाने में रखा। इसके बाद उसे दो दिन तक अपने सरकारी आवास में बंधक बनाकर रखने का आरोप है। आरोप है कि रजिस्ट्री के दिन रमेश को इस आशंका के चलते सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया कि वह वहां से भाग सकता है या किसी से शिकायत कर सकता है। जमीन जाने के बाद रमेश ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की। उसने पटवारी के पास नामांतरण रोकने के लिए भी आवेदन दिया। आरोपों के अनुसार, इसके बाद सीएसपी ने रमेश पर दर्ज हत्या के मामले का हवाला देकर उसे धमकी दी। उससे जेल जाने से बचने के लिए 75 लाख रुपये और देने की मांग किए जाने का आरोप है। यह भी आरोप है कि रकम मिलने पर कोर्ट में बयान बदलवाकर उसे बरी कराने की बात कही गई थी। पैसे देने से इनकार करने के बाद रमेश और उसके दामाद को मुकदमे में शामिल कर जेल भेजने का आरोप भी लगाया गया है।
जबरन वसूली का भी लगा आरोप
नेहा पचिसिया पर एक ट्रांसपोर्टर ने जबरन वसूली के आरोप भी लगाए थे। इसके बाद कुथला पुलिस थाने में नेहा पचिसिया, मारूफ अहमद और क्षितिज राज के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मामले में धोखाधड़ी और हत्या के मामले से जुड़ी आपराधिक साजिश के आरोप भी शामिल हैं। नेहा पचिसिया ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया सस्पेंड
FIR दर्ज होने के बाद मामला मुख्यमंत्री मोहन यादव के संज्ञान में आया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को कटनी CSP के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और विस्तृत जांच के निर्देश दिए। शुक्रवार सुबह पुलिस की टीम CSP कार्यालय पहुंची। उनके कमरे और स्टाफ रूम को सील कर दिया गया। अब अधिकारी उन दस्तावेजों और अन्य चीजों की जांच कर रहे हैं, जिनका इस मामले से संबंध हो सकता है। मामले में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की चर्चा है। हालांकि, स्टेशन हाउस ऑफिसर, सब-इंस्पेक्टर, CSP रीडर, गनमैन और ड्राइवर के सस्पेंशन की खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच से साफ होगा पूरा मामला
नेहा पचिसिया से जुड़ा यह मामला अब कटनी पुलिस विभाग में बड़ा मुद्दा बन गया है। जांच में जुटाए जा रहे दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि जमीन के विवादित सौदे में वास्तव में क्या हुआ था और लगाए गए आरोप कितने सही हैं। फिलहाल नेहा पचिसिया पर लगे आरोप जांच के दायरे में हैं। अंतिम स्थिति जांच के निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई से ही स्पष्ट होगी।


