Rewa Tribal Rescue: मध्यप्रदेश के रीवा जिले से रोजगार के नाम पर दूसरे राज्य ले जाकर मजदूरी कराने और बंधक बनाने का मामला सामने आया है। सोहागी थाना क्षेत्र के बड़ागांव से 10 आदिवासी युवक और एक महिला को महाराष्ट्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ले जाया गया।
आरोप है कि सतारा पहुंचने के बाद उन्हें बीयर फैक्ट्री में काम देने के बजाय गन्ने के खेतों में मजदूरी कराई गई। विरोध करने और घर लौटने की मांग करने पर कथित तौर पर उन्हें बंधक बना लिया गया। सूचना मिलने के बाद रीवा पुलिस ने सतारा पुलिस की मदद से सभी 11 लोगों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया।
6 अगस्त को बीयर फैक्ट्री में काम का दिया था झांसा
परिजनों के मुताबिक, 6 अगस्त को बृजेश पाल नाम का ठेकेदार इन लोगों को अच्छी मजदूरी पर बीयर फैक्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ महाराष्ट्र ले गया था। परिवारों को उम्मीद थी कि दूसरे राज्य में रोजगार मिलने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
लेकिन महाराष्ट्र के सतारा जिले की खंडाला तहसील पहुंचने के बाद कथित तौर पर उन्हें बताए गए काम की जगह गन्ने के खेतों में मजदूरी कराई जाने लगी। आरोप है कि काम की प्रकृति बदलने के बाद जब युवकों और महिला ने वापस घर जाने की इच्छा जताई तो उन्हें वहां से जाने नहीं दिया गया।
विरोध किया तो कथित तौर पर पैसों की मांग
पीड़ितों के परिजनों का आरोप है कि बंधक बनाए गए बालिग युवकों से घरवालों से 10-10 हजार रुपए मंगाने के लिए कहा गया। इसके अलावा साथ मौजूद नाबालिगों को छोड़ने के बदले कथित तौर पर 1 लाख रुपए की मांग की गई। परिजनों के अनुसार, दूर-दराज के ग्रामीण परिवारों के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं था। इसी दौरान पीड़ितों में से एक युवक को किसी तरह फोन करने का मौका मिला और उसने रीवा कलेक्टर से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी।
कलेक्टर की सूचना पर सक्रिय हुई रीवा पुलिस
मामले की जानकारी मिलते ही रीवा कलेक्टर ने पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। रीवा पुलिस अधीक्षक के सहयोग से एक विशेष टीम महाराष्ट्र के लिए रवाना की गई। टीम ने सतारा पुलिस से संपर्क कर खंडाला क्षेत्र में कार्रवाई की। पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी 11 लोगों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए लोगों में 10 युवक और एक महिला शामिल हैं। पुलिस अब उन्हें वापस रीवा ला रही है।


