पुलिस बैरिकेडिंग और भारी सुरक्षा बल के बीच दतिया स्थित भाजपा कार्यालय का बाहरी दृश्य

दतिया। मध्य प्रदेश की राजनीति में इस समय एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। आगामी 30 जुलाई को होने वाले चुनाव के लिए दतिया विधानसभा सीट पर जैसे ही टिकट की घोषणा हुई, वैसे ही पूरा इलाका सुलग उठा। भारतीय जनता पार्टी ने यहाँ से आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। शुक्रवार शाम को यह खबर फैलते ही मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बुरी तरह भड़क गए। इसके बाद समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालात इतने बेकाबू हो गए कि पथराव, चक्काजाम और पुलिस के साथ सीधी झड़प शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को शनिवार सुबह पूरे जिले में कड़ी पाबंदियां लगानी पड़ीं।

एसपी और एसडीओपी समेत कई जवान घायल

शुक्रवार रात से शुरू हुआ यह हंगामा शनिवार सुबह तक जारी रहा। सुबह करीब 4:30 बजे उपद्रवियों ने पुलिस पर अचानक भारी पथराव कर दिया। इस हिंसक हमले में दतिया के एसपी, एसडीओपी और 8 अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके विपरीत नरोत्तम मिश्रा के भी कुछ समर्थकों को चोटें आने की खबर मिली है। हालात को बिगड़ता देख प्रशासन ने तुरंत मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। इसी बीच कुछ नाराज समर्थकों ने खुद को भाजपा कार्यालय के अंदर बंद कर लिया था। हालांकि बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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पूरे जिले में धारा 163 लागू, भारी पाबंदियां

जिले में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह एक बड़ा कदम उठाया। पूरे दतिया जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस नए नियम के तहत अब जिले में बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी तरह की सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा एक जगह पर 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। बड़ौनकलां इलाके में चक्काजाम की खबर मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन दतिया स्थित भाजपा कार्यालय के अंदर ही करीब 250 कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इन सभी को एक तरह से नजरबंद किया गया है और कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

टिकट कटने पर क्या बोले डॉ. नरोत्तम मिश्रा

इस पूरे सियासी बवाल और अपना टिकट कटने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने बेहद सधे हुए शब्दों में अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह पूरी तरह से पार्टी का निर्णय है और वे इसका सम्मान करते हैं। हालांकि उनके इस बयान के बाद भी जमीन पर समर्थकों का गुस्सा पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दतिया में भाजपा के भीतर की यह अंदरूनी बगावत आने वाले चुनाव में पार्टी के समीकरण बिगाड़ सकती है।

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FAQs

1. दतिया विधानसभा चुनाव कब होगा?

30 जुलाई को मतदान होना है।

2. भाजपा ने किसे उम्मीदवार बनाया है?

भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है।

3. विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ?

पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों ने विरोध किया।

4. पथराव में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए?

एसपी, एसडीओपी समेत 8 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

5. प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?

पूरे जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।