मिलावटी पाए गए 4 कंपनियों के 50 से अधिक खाद्य पदार्थ
मुंबई । तीज-त्योहार के आते ही खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी कर ज्यादा मुनाफा कमाने का खेल शुरू हो जाता है जो जांच पड़ताल के अभाव में निरंतर जारी रहता है। मिलावटखोरों को सिर्फ मुनाफा कामना है लोगों के स्वास्थ्य का उन्हें कोई परवाह नहीं। लंबे समय से चली आ रही मिलावटखोरी की  सूचना मिलने पर दबिश देने पहुंची खाद्य विभाग की टीम को महाराष्ट्र  के ठाणे स्थित 4 कंपनियों  के खाद्य पदार्थों को मिलावटी पाया गया है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन  के अधिकारियों ने  यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाद्य तेल समेत अन्य खाद्य पदार्थों के करीब 57 नमूने जांच के लिए लिए गए, इन सभी में मिलावट पाया गया है।

सरसों तेल व घी में पाया गया मिलावट
 के ज्वांट कमिश्नर एसआर केकरे ने कहा कि जांच किए गए सैंपल के नतीजे चौकाने वाले थे। इनमें पामोलीन आयल  में मिलावट पाया गया। इसमें सनफ्लावर और सोयाबीन आयल, राइस ब्रान आयल मिक्स था और इसे सरसों तेल बताकर बेचा जा रहा था। वहीं देसी घी में वेजिटेबल आयल मिलाकर बेचा जा रहा था।

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शिकायत पर  हुई छापेमारी : एफडीए
शिकायतों के आधार पर एफडीए   ने छापेमारी की और दहीसर मोरी, भिवंडी, मालहर और कोपरखैरने स्थित चार यूनिट में छापेमारी की गई। केकरे ने उपभोक्ताओं को आगाह किया कि वे इन आइटम की खरीददारी के वक्त सतर्क रहें।

एफडीए जुटा रहा जानकारी
इसके साथ ही एफडीए इस बात की जांच में लगा है कि ये मिलावटी सामान किन थोकविक्रेताओं व मैन्युफैक्चरर्स के हाथों बेचा गया है। केकरे ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें मिलावटी या नकली सामन का संदेह हो तो वे तुरंत एफडीए  के साथ संपर्क करें।