नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा के जिस वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को लेकर इन दिनों अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं। वही लालकृष्ण आडवाणी थे जिन्होंने लोकसभा एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी की तमाम शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की। राहुल गांधी सार्वजनिक मंचों से उनको जाने क्या-क्या बोल गए।
एथिक्स कमिटी ने राहुल की नागरिकता के मुद्दे पर विचार नहीं किया और कुछ सदस्यों का कहना था कि इसमें कोई दम नहीं है। कमिटी में शामिल सदस्यों ने बताया कि मीटिंग बुलाने का फैसला कमिटी के अध्यक्ष आडवाणी को करना था। कमिटी की अंतिम मीटिंग 3 दिसंबर, 2015 को हुई थी। ईटी ने इस बारे में लोकसभा सेक्रेटरी जनरल, स्पीकर के कार्यालय और आडवाणी को प्रश्न भेजे, लेकिन उनका उत्तर नहीं मिला। वरिष्ठ नेता आडवाणी इस मामले को लेकर हमेशा चुप रहे।

ब्रिटेन की नागरिकता का मामला:

महेश गिरि ने राहुल की नागरिकता पर आरोप लगाया था
कमिटी को मार्च 2016 में उसके कार्यकाल की सबसे हाई-प्रोफाइल शिकायत मिली थी। पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद महेश गिरी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस के तत्कालीन उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ब्रिटेन में डुअल सिटीजनशिप हासिल की है। उनका कहना था कि यह जानकारी राहुल के टैक्स रिटर्न से मिली है। यह आरोप सबसे पहले सुब्रमण्यन स्वामी ने प्रधानमंत्री को भेजे एक पत्र में लगाया था और बाद में इसे लेकर याचिका दायर की गई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2015 में खारिज कर दिया था। कांग्रेस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा था कि यह भ्रम टाइपिंग की एक गलती से हुआ है। कमिटी ने राहुल को मार्च 2016 में एक नोटिस भेजा था लेकिन उसके बाद से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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कम संजीदा नहीं था राहुल की नागरिकता का मामला:

मार्च 2016 में स्पीकर ने नारदा स्टिंग मामला कमिटी को भेजा था। हालांकि, शिकायत को राज्यसभा की एथिक्स कमिटी के पास नहीं भेजा गया था।
सूत्रों ने बताया कि कमिटी को शायद यह लगा होगा कि राहुल की नागरिकता के मुद्दे से राजनीतिक हंगामा हो सकता है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने ईटी को बताया, ‘नागरिकता का मुद्दा एक सांसद की पात्रता से संबंधित है। इस प्रश्न पर चुनाव आयोग को फैसला करना है, संसदीय कमिटी को नहीं। इस वजह से कमिटी अजीब स्थिति में पड़ गई थी।’

कमिटी में शामिल बीजेपी के सदस्य करिया मुंडा ने कहा, ‘राहुल गांधी के मामले पर कभी चर्चा नहीं की गई। कोई मीटिंग न होने का कारण हमारे अध्यक्ष और बीजेपी के वरिष्ठ नेता आडवाणीजी ही बता सकते हैं।’
तो वहीं राहुल गांधी ने लोकसभा के चुनावी मंचों से उसी वरिष्ठ नेता को लेकर अशोभनीय टिप्पणियां कीं।

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सुषमा स्वराज ने चेताया:

राहुल गांधी को भाजपा की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज ने चेतावनी दी, कि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी उनके पितातुल्य हैं। लिहाजा उनके खिलाफ वे कोई ऐसी वैसी भाषा का प्रयोग न करें। वर्ना बर्दाश्त नहीं करेंगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।