लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुईं, बहराइच की पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले

ने अब पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. सावित्रीबाई फुले ने कांग्रेस नेतृत्व पर अपनी आवाज नहीं सुने जाने का

आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही फुले ने घोषणा की है कि वे अपनी खुद की

पार्टी बनाएंगी. गौरतलब है कि सावित्रीबाई फुले ने इसी साल 2 मार्च को लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस

का दामन थामा था. फुले ने 6 दिसंबर 2018 को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

 

बहराइच की पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कहा कि पार्टी में मेरी आवाज

नहीं सुनी जा रही है, इसलिए मैं इस्तीफा दे रही हूं. मैं अपनी खुद की पार्टी बनाऊंगी. बता दें कि

सावित्रीबाई फुले ने बीजेपी छोड़ने से पहले भी ऐसे ही आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि बीजेपी के

4 सालों में बहुजन समाज का कोई भला नहीं हुआ है. जब तक भारत का संविधान पूरी तरह से लागू

नहीं होगा, तब तक बहुजन समाज का उत्थान नहीं हो पाएगा. इन्हीं मांगों के चलते सावित्री बाई ने दिसंबर

2018 में बीजेपी छोड़ दी थी.

 

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।