टीआरपी डेस्क। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद मापदंडों की पूर्ति में अनफिट पाए गए कॉलेज पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी प्रभावित न हो और परीक्षा दे सकें ऐसी व्यवस्था की जाए।

उल्लेखनीय है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त द्वारा सभी जिलों के कलेक्टर को अनफिट पाए गए नर्सिंग कॉलेज की सूची भेजी गई है और उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

इंदौर सहित कई जिलों में अनफिट पाए गए नर्सिंग कॉलेज में कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 31 जिलों के 66 नर्सिंग कॉलेज को अनफिट पाया गया है और उनकी मान्यता निरस्त की गई है।

इतने नर्सिंग कॉलेज होंगे बंद

बैतूल जिले के 8, भोपाल के 6, इंदौर के 5, छतरपुर, धार और सीहोर के 4-4, नर्मदापुरम के 3-3, भिंड, छिंदवाड़ा, जबलपुर, झाबुआ, मंडला, रीवा, सिवनी और शहडोल के 2-2, अलीराजपुर, अनूपपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, मुरैना, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और श्योपुर जिले के 1-1 नर्सिंग कॉलेज अनफिट पाए गए हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।